एसएसवी पीजी कालेज में छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर चल रही रार के बीच मंगलवार को सपा छात्रसभा के पदाधिकारी कोर्ट से सत्यापित रिपोर्ट लेकर कालेज पहुंचे।
उन्होंने नवनिर्वाचित अध्यक्ष पर एससी/एसटी एक्ट के तहत न्यायालय में मुकदमा विचारधीन होने का आरोप लगाकर उसे पद से हटाने की मांग की। मामला बढने पर चुनाव समिति के पदाधिकारियों ने बुधवार को बैठक बुलाई है।
29 नवंबर को एसएसवी पीजी कालेज में छात्रसंघ चुनाव हुआ था। इसमें अध्यक्ष पद पर निर्दलीय शेखर त्यागी ने विजयी प्राप्त की थी। सपा छात्रसभा के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने शेखर त्यागी पर झूठा शपथ पत्र देने और एससी/एसटी एक्ट के तहत
मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन होने का आरोप लगाया था। समिति ने लिंग दोह समिति के अनुसार आपत्तियों की अवधि में आपत्ति दर्ज न कराने की बात कहकर नवनिर्वाचित अध्यक्ष को शपथ दिला दी थी।
सपा छात्रसभा के पदाधिकारी शपथ समारोह में शामिल नहीं हुए थे। तब से इस पद को लेकर कालेज में घमासान मचा हुआ है। मंगलवार को सपा छात्रसभा के नवनिर्वाचित पदाधिकारी कोर्ट की सत्यापित कॉपी लेकर कालेज पहुंचे।
प्राचार्या कक्ष में उन्होंने इस कॉपी को प्रबंधन को सौंपकर अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की। काफी देर तक आश्वासन न मिलने पर छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। प्राचार्या व चुनाव समिति के पदाधिाकारियों ने बुधवार को इस संबंध में बैठक का निर्णय लिया है।
सपा छात्रसभा के प्रदेश सचिव सचिन दयाल का कहना है कि इस पर दूसरे नंबर पर रहे योगेश कुमार को अध्यक्ष बनाया जाए। इस मौके पर सचिन दयाल, लोकेश दादरिया, योगेश कुमार, गायत्री निमेष, काजल चौधरी, टिंकु आजाद, रवीश दयाल, अभिषेक आदि मौजूद रहे।