हापुड़। जिले में 10 हजार से अधिक रेहड़ी-पटरी लगती है। जिन पर खाद्य सामग्री की बिक्री होती है। ऐसे में रेहड़ी-पटरी पर खाद्य पदार्थ बेचने वालों को बड़ी राहत मिली है। ऐसे लोगों को अब निशुल्क लाइसेंस मिलेगा। इन्हें सिर्फ आवेदन करना होगा, इसके बाद शासन स्तर से फीस नहीं ली जाएगी।
रेहड़ी-पटरी का रिकार्ड रखने और इन पर मिलावट को रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग ने लाइसेंस फीस निशुल्क कर दिया है। ज्यादा से ज्यादा रेहड़ी-पटरी वाले योजनाओं से जुड़ सकें और विभाग के पास भी रिकार्ड दर्ज रहे, इसके लिए यह कदम उठाया गया है, लेकिन यह लोग खाद्य सामग्री की बिक्री के लिए लाइसेंस नहीं लेते हैं। क्योंकि आवेदन करते समय पहले 100 रुपये का शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब इसे देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं, फूड प्वाइजनिंग होने पर विभाग कार्रवाई भी नहीं कर पाता है। सहायक आयुक्त द्वितीय महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि रेहड़ी-पटरी वालों को पंजीकरण के समय फीस जमा करने की आवश्यकता अब नहीं पड़ेगी।