तीन बेटे होने के बाद भी दो जून की रोटी के लिए तरस रहे बुजुर्ग ने मंगलवार को गंगा में छलांग लगाकर खुदकुशी की कोशिश की। गनीमत रही कि आसपास के लोगों का शोर सुनकर पहुंचे मल्लाहों ने उन्हें बचा लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मुरादाबाद जनपद के रहने वाले एक वृद्ध मंगलवार शाम करीब 4 बजे रोडवेज बस से ब्रजघाट पहुंचे। कुछ देर तक पुल पर इधर-उधर भटकने के बाद राहगीरों की नजर हटते ही उन्होंने गंगा में छलांग लगा दी।
यह देख किनारे पर डुबकी लगा रहे लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर गणेश, विनोद, काले और दीपचंद मल्लाह तत्काल वृद्ध को बचाने के लिए गंगा में कूद पड़े और काफी देर तक मशक्कत करने के बाद किसी तरह उन्हें बचा लिया।
प्राथमिक उपचार के बाद होश आने पर बुजुर्ग ने अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि उनके तीन बेटे हैं। बेटों ने उनकी जमीन-जायदाद को अपने कब्जे में कर लिया है और आए दिन उनके साथ मारपीट करते हैं।
इससे तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंचे बुजुर्ग के तीनों बेटों ने उनसे माफी मांगी और भविष्य में दोबारा कभी ऐसी गलती नहीं करने का संकल्प लेकर पिता को घर ले गए।