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Hapur News: प्रदूषण फैलाने पर सिंभावली डिस्टिलरी का संचालन बंद

Fri, 13 Feb 2026 09:31 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
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हापुड़। प्रदूषण फैलाने पर सिंभावली चीनी मिल की डिस्टिलरी (शराब कारखाना) को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन विक्रम यादव ने बंद करा दिया है। नोटिस देने के बाद भी मानकों को पूरा नहीं करने पर यह कार्रवाई की गई है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के चेयरमैन विक्रम यादव ने पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मेसर्स सिंभावली शुगर्स लिमिटेड (हापुड़ डिस्टिलरी) पर कार्रवाई की है। इकाई को बंद करते हुए एक नोटिस भी दिया गया है, इसमें निर्देशों का पालन न होने तक सभी विनिर्माण कार्यों को बंद करने के आदेश दिए हैं।
12 मार्च 2024 को सीपीसीबी ने इकाई से निकलने वाले अपशिष्ट जल उत्पादन के बराबर लैगून (स्पेंट वॉश, अत्यधिक प्रदूषित अपशिष्ट जल को उपचारित करने, एकत्र करने या वाष्पित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले बड़े, खुले गड्ढे या तालाब) क्षमता को सीमित करने के आदेश दिए थे। यहां तक कि इकाई की चिमनी से मानकों से अधिक प्रदूषण फैल रहा था। इसके बावजूद लापरवाही बरती गई।
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बता दें कि एक डाटा के आधार पर सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के अधिकारियों ने उच्च प्रदूषण क्षमता वाले उद्योगों में शामिल डिस्टिलरी की छह दिसंबर 2023 को यूनिट का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान इकाई को अतिरिक्त भंडारण लैगून क्षमता रखने, 30 प्रतिशत से कम ठोस सामग्री वाले अपशिष्ट जल का जैव-कम्पोस्टिंग के लिए उपयोग करने आदि को लेकर नियमों का पालन नहीं मिला। इस मामले में एक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही फैक्टरी संचालकों को चिमनी उत्सर्जन मानदंडों का अनुपालन करने, यूपीजीडब्ल्यूडी से भूजल निकासी के लिए वैध एनओसी लेने के आदेश दिए गए। इसके बाद यूपीपीसीबी ने पांच मई 2025 को इकाई का निरीक्षण किया। इसमें सामने आया कि पूर्व के आदेशों का पालन नहीं किया गया है। इसके बाद सीपीसीबी अधिकारियों की टीम ने 25 नवंबर 2025 को पुन: निरीक्षण किया। आदेशों का पालन न करने पर अब फैक्टरी का संचालन बंद कराया गया है।

पानी और हवा दोनों को प्रदूषित करती है फैक्टरी
शराब बनाने के कारखानों को अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की 17 श्रेणियों में से जाना जाता है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पर्यावरण प्रदूषकों को हवा और पानी में छोड़ते हैं। इससे पानी और हवा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का संभावित खतरा रहता है। यही कारण है बोर्ड की ओर से मानक तय किए गए हैं। इस प्रकार की फैक्टरियों में अपशिष्ट उपचार संयंत्र (ईटीपी) स्थापित करना अनिवार्य है।

कोट -

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सिंभावली चीनी मिल की डिस्टलरी को प्रदूषण फैलाने पर संचालन बंद कराया है। अधिकारियों के निरीक्षण में पानी और हवा दोनों को ही प्रदूषित करने का मामला सामने आया है। - विपुल कुमार, सहायक अभियंता, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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