बीमार बुजुर्ग मां को बेटी और धेवता बुधवार को हाईवे किनारे छोड़ गए। महिला से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके भतीजे के घर पहुंचा दिया है। महिला की तबियत खराब है। बेटी और धेवते का यह व्यवहार लोगों में चर्चा का विषय बना है।
मां-बाप के साथ बेवफाई करने में बेटों का नाम अक्सर सामने आता रहता है। बेटियां मां-बाप की खूब सेवा करती हैं। बेटों द्वारा ठुकराए जाने पर भी बेटियां कई बार अपने माता-पिता को आश्रय देती हैं और उनके दुख को दूर करने में सबसे आगे रहती हैं।
बुधवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिस पर सहसा कोई विश्वास नहीं कर रहा है। एक बीमार बुजुर्ग मां को उसकी बेटी ने ही घर से बाहर कर दिया। हुआ यूं की करीब 80 वर्षीय एक बुजुर्ग और बीमार महिला ब्रजघाट गंगानगरी के पास हाईवे किनारे लेटी हुई थी।
राहगीरों ने पूछताछ की तो उसकी आंखों से बेतहाशा आंसू बहने लगे। उसने भर्राई आवाज में अपना दुखड़ा सुनाया तो राहगीरों की आंखें भी छलक उठीं। बुजुर्ग महिला ने बताया कि परिवार में बेटा व पति न होने के चलते वह करीब 16 साल से अपनी बेटी के घर रह रही थी।
उम्र के इस दौर में अब बीमारी ने इस कदर जकड़ लिया है कि बेटी भी रखने को तैयार नहीं है। बेटी और उसके परिवार के लोगों ने अब आश्रय देने से हाथ खींच लिए। बुजुर्ग महिला ने बताया कि बेटी और धेवता गंगा स्नान कराने की बात कहकर बुधवार को कार से उसे यहां ले आए थे,
लेकिन ब्रजघाट में घुसने से पहले ही सड़क किनारे उतारकर वापस लौट गए। राहगीरों की सूचना पर पुलिस वहां आ गई।
एसआई राजेंद्र सिंह ने बताया कि पूछताछ के बाद बुजुर्ग महिला को उसकी मर्जी के आधार पर भतीजे के घर पहुंचा दिया गया है। पुलिस लगातार उसकी हालत के बारे में जानकारी लेती रहेगी।