अब शहर की गलियों और मुख्य मार्गों पर आवारा पशु नहीं घूमेंगे। कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत पशुओं के प्रति क्रूरता रोकने व आवारा पशुओं के लिए शेल्टर होम बनवाने के शासन ने निर्देश दिए हैं।
नगर विकास सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने प्रदेश के सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत शेल्टर होम बनवाए जाएं। इसके लिए पालिका के पास निर्विवादित जमीन होना आवश्यक है।
यदि निकाय के पास भूमि उपलब्ध नहीं है तो इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी द्वारा निशुल्क भूमि उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की जाएगी। शेल्टर होम में शेड, पानी, भूसा, बायो गैस प्लांट, सौर ऊर्जा पॉवर प्लांट और चहारदीवारी आदि की व्यवस्था होगी।
इसका संचालन स्वयंसेवी संस्थाओं, सरकारी उपक्रमों, प्रतिष्ठित फर्मों, नगर निकायों आदि से आवश्यक सहयोग लेकर संबंधित जिलाधिकारी द्वारा किया जाएगा। पशुओं की देखभाल के लिए आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था संबंधित नगर निकाय या जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी।
पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि शेल्टर होम निर्माण के संबंध में शासन से आदेश मिले हैं। जल्द ही स्थान चिह्नित कर काम शुरू कर दिया जाएगा।
नगर पालिका परिसर में करीब दो दशक पहले शेल्टर होम बना था। यहां आवारा पशुओं को रखा जाता था। काफी समय से यह बंद पड़ा है। इसके बंद होने से आवारा पशुओं का जमघट सड़कों पर लगने लगा है।