गढ़ रोड रेलवे क्रासिंग पर निर्माणाधीन फ्लाई ओवर के नीचे लोहे के गाटरों की सैटरिंग खोलने के दौरान यह भरभराकर गिर गया। मलबे के नीचे दबने से एक मां बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहीं एक मकान का कुछ हिस्सा भी गिर गया है।
एसडीएम व सीओ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसडीएम ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। गढ़ रोड रेलवे क्रासिंग के ऊपर ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। ब्रिज के अधिकतर हिस्से का निर्माण किया जा चुका है।
मंगलवार शाम ब्रिज के नीचे लेंटर डालने के लिए बनाई गई लोहे के बड़े-बड़े गाटरों की सैटरिंग को मजदूर खोल रहे थे। इसी दौरान पूरी सैटरिंग भरभराकर सड़क पर गिर गई। इसकी चपेट में आने से शिवनगर निवासी वृद्धा लौंगश्री व उनकी बेटी राजकुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
इसके अलावा बाइक से आ रहे शिवपुरी निवासी गौरव व कैली निवासी अवनीश इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बचे। इनकी बाइक गाटरों के नीचे दबकर क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क किनारे स्थित एक मकान का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद यहां अफरातफरी मच गई। घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूचना पर एसडीएम अजय कुमार श्रीवास्तव व सीओ शैलेंद्र सिंह राठौर भी फोर्स के साथ पहुंच गए। पुलिस ने सैटरिंग के बाकी बचे हिस्से को भी गिरवा दिया। एसडीएम ने कहा कि हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। अगर किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गढ़ रोड फ्लाईओवर के नीचे जिस क्रासिंग पर यह हादसा हुआ, वहां अक्सर जाम रहता है। मंगलवार को भी हादसे के दस मिनट पहले तक ट्रेन गुजरने के कारण भयंकर जाम लगा था। इस दौरान हादसा होता तो बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आ सकते थे।
गढ़ रोड रेलवे क्रासिंग पर लगभग पूरे दिन जाम रहता है। पुल की एक ओर रास्ता बहुत ही संकरा होने के कारण एक ही तरफ से ही लोगों का आना जाना होता है। जिस कारण यहां अक्सर जाम लग जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार को जिस समय हादसा हुआ,
उससे मात्र दस मिनट पहले ही यहां भयंकर जाम लगा था। कुछ देर पहले ही एक ट्रेन गुजरने के कारण फाटक बंद हुए थे और जाम लग गया था। गनीमत रही कि हादसे से चंद मिनट पहले जाम खुल गया और सड़क पर कम लोग ही मौजूद थे।
हादसे की चपेट में आने वाली मां बेटी बेहद ही गरीब परिवार से हैं। दोनों घरों में चौका बर्तन करती हैं और परिवार का मुखिया रिक्शा चलाता है।
अस्पताल पहुंची मोहल्ले की महिलाओं का कहना था कि इनके घरों में दो वक्त की रोटी के भी इंतजाम नहीं हैं, ऐसे में इनका इलाज कैसे होगा। महिलाओं ने इलाज के लिए मुआवजे की मांग की।