भिड़े ई-रिक्शा विक्रेता और चालक
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रजिस्ट्रेशन, बीमा और लाइसेंस बनवाने की आश्वासन देकर कुछ ई रिक्शा एजेंसी संचालकों (विक्रेताओं) द्वारा ई-रिक्शा चालकों को ठगने का मामला प्रकाश में आया है। ई-रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया है कि एजेंसी संचालकों 60 हजार का ई-रिक्शा उन्हें 1.60 लाख में बेचा है।
ई-रिक्शा चालकों ने एजेंसी मालिकों पर ठगी का आरोप लगाते हुए पुलिस चौकी पर ही आपस में नोकझोंक करने लगे। चौकी पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें शांत कराया। चालकों ने पुलिस से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।
शुक्रवार को एसएसवी पुलिस चौकी पहुंचे ई-रिक्शा चालकों ने शहर की एजेेंसियों पर आरोप लगाए हैं कि उन्हें अधिक मूल्य में ई रिक्शा बेचा गया है। रजिस्ट्रेशन, बीमा व अन्य कागजात बनवाने के नाम पर उनसे हजारों रुपये हड़पे गए।
60 हजार की ई-रिक्शा को एजेंसी संचालकों ने झांसा देकर एक लाख 60 हजार रुपये में बेच दिया। ई रिक्शा चालकों ने बताया कि शहर में ई-रिक्शा की अधिकता के कारण मोटी रकम खर्च करने के बाद भी उन्हें सही किराया नहीं मिल पा रहा है।
उन्हें अपना घर खर्च चलाने में परेशानी हो रही है। वहीं, एजेंसी संचालकों का कहना है कि उन्होंने रिक्शा चालकों को किसी प्रकार का कोई आश्वासन नहीं दिया। जो सही कीमत थी उसी के अनुसार रिक्शा बेची गई है।
सीओ शैलेंद्र सिंह राठौर का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी। अगर रिक्शा चालकों के साथ ठगी हुई तो कार्रवाई की जाएगी।