शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण को लेकर ढाई साल से आम शस्त्र धारक अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, खुद अधिकारी भी इस परेशानी से अछूते नहीं हैं। शस्त्र विभाग में एक माह से लटके एसडीएम गढ़ के शस्त्र लाइसेंस तक का भी नवीनीकरण नहीं हो पाया है।
यह हाल तब है जब खुद एडीएम गन हैंडलिंग प्रक्रिया के तहत नवीनीकरण के आदेश कर चुके हैं। गढ़ के एसडीएम शमशाद हुसैन की डबल बैरल गन का लाइसेंस एक माह पहले जिला मुख्यालय स्थित शस्त्र विभाग में नवीनीकरण के लिए आया था।
ओसी आर्म्स अजय श्रीवास्तव ने अपने समकक्ष अधिकारी के लाइसेंस का नवीनीकरण शासनादेश का हवाला देकर नहीं किया। उनका कहना है कि बिना शस्त्र संचालन प्रमाण पत्र के नवीनीकरण संभव नहीं है। एक माह से एसडीएम अपने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को फोन कर जानकारी ले रहे हैं।
यह मामला इसलिए महत्व रखता है क्योंकि कुछ दिन पहले ही एडीएम रजनीश राय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तलब किया था। इस दौरान पता चला है कि यहां फायरिंग रेंज नहीं होने के कारण शस्त्र चलाने का सर्टिफिकेट नहीं लग पाने के कारण शस्त्र लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने इस संबंध में एडिशनल एसपी राम नयन यादव से बात कर आवश्यक निर्देश जारी किए थे। इसके तहत लाइसेंस धारक पुलिस लाइन के आरआई से मिलकर यह प्रमाण पत्र निशुल्क प्राप्त कर सकेंगे। इसके आधार पर शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण किया जा सकेगा।
इन आदेशों के बावजूद एक अधिकारी का शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण न होना चर्चा का विषय बना हुआ है। ओसी आर्म्स अजय श्रीवास्तव का कहना है कि शासनदेश के अनुसार फायरिंग रेंज में आरआई गन चलवाकर शस्त्र धारक का शस्त्र संचालन प्रमाण पत्र जारी करेंगे।फायरिंग रेंज हापुड़ जिले में न होने के कारण नवीनीकरण नहीं हो पा रहे हैं।
गढ़ एसडीएम शमशाद हुसैन ने बताया कि कुछ समय पहले नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था लेकिन अब तक नवीनीकरण नहीं हो पाया है।
एडीएम रजनीश राय का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। मामले की जानकारी कर समाधान कराया जाएगा।