कसेरठ बाजार में दुकान से कलश व डंडा खरीदते शिव भक्त। संवाद
हापुड़। कांवड़ यात्रा शुरू होने के साथ ही कांवड़ियों की भीड़ नगर के कसेरठ बाजार में पहुंचनी शुरू हो गई है। स्टील के बर्तनों के लिए मशहूर इस बाजार में गंगाजल लाने के लिए स्टील के कलशों की बिक्री हो रही है।
दुकानदारों ने स्टील के कलश के अलावा बांस के लचीले डंडे भी कांवड़ियों के लिए उपलब्ध कराए हुए हैं। कसेरठ बाजार सभी तरह के स्टील के बर्तनों के लिए प्रख्यात है। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़िये कुछ साल पूर्व प्लास्टिक या कांच की कैनो में गंगाजल लेकर आते थे, लेकिन अक्सर कांच की शीशियों के टूटने से कांवड़ खंडित हो जाती थी। यही प्लास्टिक की कैनो के साथ होता था।
यही वजह है कि अब कांवड़िये स्टील के कलश का उपयोग गंगाजल लाने के लिए करते हैं। जिसका न तो टूटने का डर रहता है और यह अगले साल फिर से उपयोग में लाई जा सकती है।
कसेरठ बाजार के बर्तन विक्रेता प्रदीप जैन ने बताया कि स्टील के कलश कई सालों तक उपयोग में लाए जा सकते हैं। इसलिए कांवड़िये अब स्टील के कलश खरीद रहे हैं। स्टील के कलश के दाम 120 रुपये से शुरू होकर छह सौ रुपये तक है, जबकि कलशों को कंधे पर लटकाने के लिए विशेष प्रकार का डंडा प्रयोग किया जाता है। इसका दाम 150 रुपये है।