उत्तर प्रदेश सिख मिशन के तत्वावधान में गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार में खालसा पंथ का साजना दिवस (वैशाखी) हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मिशन प्रभारी बृजपाल सिंह ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह ने पंच प्यारों को अमृत की दान दिया था और स्वयं ने भी पंच प्यारों से अमृत प्राप्त किया।
उन्होंने सभी संगतों को वैशाखी की बधाई दी। श्री अखंड पाठ की समाप्ति के बाद ब्र्रह्म सिंह के रागी जत्थे ने गुरवाणी का कीर्तन कर मनमोह लिया। देवेंद्र सिंह ताज के कवीसरी जत्थे ने वीर रस की वारा गाकर काव्य रूप में 1699 वैशाखी का इतिहास सुनाया।
मुख्य ग्रंथी प्रभुदयाल सिंह ने शरबत के भले की अरदास कर सभी का मनमोहा। अंत गुरु का अटूट लंगर बांटा गया। वहां पर गुरुद्वारा इंस्पेक्टर दलजीत सिंह, समरजीत सिंह, देवेंद्र सिंह, पंचम सिंह, प्रवीण सेठी, बलवीर सिंह, कर्ण सिंह, सरदार बूटा सिंह, मलकीयत सिंह, हरविंदर सिंह, काहन सिंह, अमरजीत सिंह, राजेन्द्र सिंह, इकबाल सिंह, गुरमीत सिंह, हरमिंदर सिंह आदि रहे।