आरबीआई से पैसा नहीं मिलने के कारण तीन दिन के अवकाश के बाद मंगलवार को खुले बैंकों में कैश की किल्लत रही। ग्राहकों को महज दो से पांच हजार रुपये तक ही कैश दिया जा सका।
वहीं, बैंक खुलने के थोड़ी देर बाद ही कई बैंकों में कैश खत्म होने का नोटिस चस्पा कर दिया गया। ग्राहकों को घंटों इंतजार के बाद भी मायूस होकर वापस घर लौटना पड़ा। उधर, एटीएम चालू नहीं होने से भी ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
नोटबंदी के 36वें दिन भी बैंकों में स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है। आरबीआई से बैंकों को पर्याप्त पैसा नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि तीन दिन के अवकाश के बाद खुले कई बैंकों में तो कैश खत्म का नोटिस चस्पा कर दिया गया।
पीएनबी की मुख्य शाखा से भी ग्राहकों को सिर्फ पांच हजार रुपये तक कैश मिल सका। ऐसे में कड़कड़ाती सर्दी में सुबह आकर लाइन में लगे ग्राहकों को घंटों इंतजार के बाद भी मायूस होकर वापस घर लौटना पड़ा।
बैंकों में 35 दिन बाद भी हालात नहीं सुधरने पर अब ग्राहकों का सब्र टूटने लगा है। वहीं, एटीएम सुविधा अभी भी बदहाल पड़ी हैं। गढ़ और पिलखुवा में भी बैंको का यही हाल रहा।
भारतीय स्टेट बैंक पिलखुवा में पैसे निकालने के लिए पहुंचे प्रदीप कुमार और सुरेंद्र ने कहा कि वह सुबह आठ बजे ही बैंक के बाहर कतार में लग गए थे, दोपहर एक बजे उनका नंबर आ सका। एसबीआई पिलखुवा के प्रबंधक ने बताया कि भीड़ से निपटने के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले गए थे।
वहीं, एलडीएम एपी चतुर्वेदी का कहना है कि आरबीआई से पर्याप्त पैसा नहीं मिलने के कारण समस्या बन रही है। जितना पैसा मिल रहा है ग्राहकों को दिया जा रहा है, जल्द ही हालात में सुधार होगा।