फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी आईडी पर चल रहा सिम एक्टीवेट का धंधा

Tue, 07 Feb 2017 09:18 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ हापुड़
विज्ञापन
मोबाइल - फोटो : demo pic
विज्ञापन
कई दुकानदार बोनस और टारगेट के चलते कानून को ताक पर रखकर बिना आईडी की जांच किए मोबाइल सिम कार्ड धड़ाधड़ बेच रहे हैं। इस तरह के धंधे में लिप्त दुकानदारों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को जेल की हवा खानी पड़ सकती है। उसके बाद भी ऐसा धंधे करने वाले लोग पुलिस के शिकंजे से दूर हैं।
विज्ञापन


नगर व देहात क्षेत्र की कुछ दुकानों पर फर्जी आईडी पर सिम एक्टिवेट करने का धंधा जोरों पर चल रहा है। इस कार्य में सिम कार्डों में नेटवर्क कंपनियों के डिस्ट्रीब्यूटर से लेकर रिटेलर की मिलीभगत होती है। किसी भी व्यक्ति को महंगे दामों पर ये सिम बेच दिया जाता है।

इसका इस्तेमाल गैर कानूनी कामों में हो रहा है। अधिकतर फर्जी आईडी पर ली गई सिमों का बदमाश फिरौती, रंगदारी, धमकी देने व महिलाओं को परेशान करने व अन्य आपराधिक वारदातों को अंजाम देने में इस्तेमाल करते हैं।
विज्ञापन


जिसके बाद वह आसानी से पुलिस की कार्रवाई से बच निकलते हैं। अपनी आईडी से सिम चालू होने की जानकारी से अंजान बेगुनाह लोग पुलिस के कानूनी जाल में फंस जाते हैं।     
  
डिस्ट्रीब्यूटर के यहां से दुकानों पर जाने वाले एजेंट एक्टीवेट सिम दुकानदारों को देते हैं। लिफाफे में उपभोक्ता और सिम विक्रेता की जानकारी के लिए भरे जाने वाले फार्म की सिर्फ एक कॉपी होती है।

ऐसे में पहले ही एक पूरे फार्म पर डिटेल व किसी भी व्यक्ति के पहचान पत्र लगाकर सिम एक्टीवेट कर दिया जाता है। जैसे ही ग्राहक बिना आईडी के सिम लेने पहुंचता है। मनमाने रुपये लेकर उसे सिम दे दिया जाता है। ये सिम 100 रुपये से लेकर 500 रुपये मिल जाता है।
  
फर्जी सिम का व्यापार एक्टीवेशन में मिलने वाले कमीशन के लिए किया जाता है। जानकार बताते हैं कि कंपनी एजेंट के माध्यम से विक्रेताओं को उचित दामों में सिम उपलब्ध कराती है। जिसमें बैलेंस और दो महीने का टैरिफ होता है। इसमें पहले से आईडी लगी होती है और यह सिम भी एक्टीवेट होता है।

दुकानदार इस सिम को एमआरपी से ज्यादा कीमत में बेचता है। इसमें बैलेंस और टैरिफ वाउचर रिचार्ज किया जाता है। इसका कमीशन उस दुकानदार को जाता है जिसके द्वारा सिम एक्टीवेट होता है।

अक्टूबर 2013 में पुलिस द्वारा फर्जी आईडी पर सिम कार्ड बेचने के धंधे का भंडाफोड़ किया था। जिसमें पुलिस ने एक टेलीकाम व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उससे 700 से अधिक सिम, लगभग 3500 फर्जी आईडी, 450 मुहर सहित अन्य दस्तावेज बरामद किए थे।जिसमें पुलिस कर्मी व अधिकारियों की आईडी से सिम एक्टीवेट का खुलासा किया गया था।

एसपी अलंकृता सिंह का कहना है कि जब भी सिम खरीदें। तो अपनी ही आईडी यूज करें। साथ ही कस्टमर केयर पर चेक करवाएं कि जो आईडी आप ने लगाई हैं सिम उसी पर एक्टीवेट हुई हैं कि नहीं। वहीं ऐसे दुकानदारों पर शिकंजा कसने के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली जाएगी। साथ ही आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें