हापुड़। भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने जाने के लिए बहनों को बसों के लिए मशक्कत करनी पड़ी। हाथों में भारी बैग और गोद में छोटे बच्चे लेकर बहनें बसों के लिए इधर से उधर भटकती रहीं। परिवहन निगम ने सभी मागोZं पर हर आधा घंटे में बस मिलने के दावे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही रही। महिलाओं को कई घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ा। हालांकि जो महिलाएं किसी तरह सरकारी बस में जगह पा सकीं उनकी यात्रा सुगम और मुफ्त हो गई। सरकारी बसों की कमी के कारण लोगों को निजी सवारियों का भी सहारा लेना पड़ा।
प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन पर्व पर आठ अगस्त से दस अगस्त की रात्रि 12 बजे तक महिलाओं और उनके साथ एक सहयात्री को मुफ्त बस यात्रा का तोहफा दिया है। रक्षाबंधन को लेकर परिवहन निगम के अफसर सभी मार्गों पर अतिरिक्त बसों के संचालन के दावे कर रहे थे, लेकिन रक्षाबंधन पर अधिकारियों के दावों की हवा निकल गई। दिन भर सड़कों पर परिवहन निगम की बसें दौड़ती रहीं, लेकिन यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण बसों की संख्या कम रही। इस कारण बहनों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
नोएड़ा, गाजियाबाद और दिल्ली मार्ग पर बसों की किल्लत के चलते सैकड़ों की संख्या में बहनें बसों का इंतजार करती दिखाई दीं। बस अड्डा परिसर में भी भीड़ अधिक होने और बसों की संख्या कम होने के कारण बहनों को घंटों तक किठौर और मोदीनगर जाने के लिए बसों का इंतजार करना पड़ा। मेरठ और बुलंदशहर मार्ग पर बसें पीछे से ही फुल होकर आ रही थीं। लोग खिड़कियों के रास्ते अंदर घुसते नजर आए। भीड़ इस कदर है कि लोग बसों के प्रवेश गेट तक खड़े हो कर सफर कर रहे हैं। कई स्थानों पर डग्गामार वाहनों की चांदी रही और महिलाएं डग्गामार वाहनों में सफर करने को मजबूर रही हैं। कुछ व्यावयासिक वाहनों ने भी इस मौके का पूरा लाभ उठाकर और महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर निर्धारित से अधिक दाम वसूले।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रणजीत सिंह का कहना है कि किठौर, मोदीनगर के साथ ही अन्य मार्गों पर भी बसों के अतिरिक्त फेरे लगाए जा रहे हैं। मोदीनगर और डासना में जाम की समस्या के कारण बसों का संचालन प्रभावित हुआ है। बहनों की परेशानी दूर करने के लिए अतिरिक्त बसों का भी संचालन कराया जा रहा है।
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