हापुड़। बारिश से बुधवार को शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं। मुख्य सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों, बाजारों की सड़कों पर दो से तीन फुट तक पानी भर गया। लगभग तीन घंटे तक शहरवासी जलभराव से जूझे। लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया। गोल मार्केट में तो कई दुकानों में पानी तक घुस गया। इससे व्यापारियों में रोष व्याप्त है।
बुधवार की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और आसमान में काले बादल छा गए। देखते ही देखते हल्की तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से शहर के निचले हिस्सों के मोहल्लों में पानी भर गया। यहां तक कि मुख्य सड़कों पर भी जलभराव हुआ। विधायक विजयपाल आढ़ती के मीनाक्षी रोड स्थित आवास के बाहर, सीएचसी के अंदर, कई स्कूलों तक में जलभराव हो गया। बरसात के बाद सड़कों पर गंदगी व कीचड़ होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, बारिश की बूंद शाम तक रुक-रुककर पड़ने का सिलसिला जारी रहा। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
यहां हुआ जलभराव
शहर के गढ़ रोड, भीमनगर, शिवनगर, एलएन राेड, सुभाष नगर, न्यू अशोक नगर, साकेत कालोनी, हरजसपुरा, आर्य नगर, फ्री गंज रोड, रेलवे रोड, मदरसा रोड, श्रीनगर, दिल्ली रोड, अपना घर कालोनी, स्वर्ग आश्रम रोड, गोल मार्केट, तगासराय, गढ़ गेट चौकी के आसपास, मोदीनगर रोड पर जलभराव हुआ। इससे लोगों को आवागमन में पेरशानी हुई।
बारिश के कारण गुल हुई बिजली
दोपहर को हुई बारिश के कारण बिजली भी गुल हो गई। हापुड़ क्षेत्र के दिल्ली रोड प्रथम, द्वितीय, टाउनहॉल, प्रीत विहार, आनंद विहार, बाबूगढ़, वझीलपुर, धीरखेड़ा, मोदीनगर रोड, उपैड़ा बिजलीघर को लगभग दो से ढ़ाई घंटे के लिए बंद रखा गया। इस कारण करीब 70 हजार उपभोक्ताओं को परेशानी हुई।
सफाई न होने से बढ़ रही समस्या
शहर के नालों में प्रतिदिन पॉलिथीन आदि गिर रही हैं। नगर पालिका भी प्रतिदिन नालों की सफाई नहीं करा पा रही है। इसके कारण जलनिकासी बाधित होती है और शहर में जलभराव होता है। व्यापारी मुख्य बाजारों के नालों की सफाई का मुद्दा कई बार उठा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
बारिश से ठंडा हुआ मौसम
दोपहर के समय बारिश होने से मौसम में जरूर ठंडक महसूस हुई, लेकिन सुबह के समय तापमान बढ़ने के साथ ही गर्मी भी बढ़ी थी। बुधवार को अधिकतम तापमान चार डिग्री बढ़कर 33 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इधर, मौसम विभाग ने दो दिन बाद फिर बारिश की संभावना जताई है।
कोट -
शहर में कोई अधिक जलभराव नहीं हुआ है। नालों की बेहतर सफाई होने के कारण पानी की निकासी तेजी से हुई है। - मनोज कुमार, ईओ व डिप्टी कलक्टर