हापुड़। पुलिस द्वारा प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के मामले में गठित एसआईटी में सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीश हरिनाथ पांडेय को शामिल किया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल का संज्ञान लेते हुए यह निर्णय लिया है। इसके अलावा यह भी आदेश दिए हैं कि एसआईटी का निर्णय आने तक अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमों में किसी प्रकार की कार्रवाई न की जाए। उधर, अधिवक्ता आंदोलन के तहत आज कचहरी में प्रदेश के डीजीपी और प्रमुख सचिव का पुतला फूंकेंगे।
लाठीचार्ज कांड के बाद गठित की गई एसआईटी में मंडलायुक्त मेरठ सेल्वा कुमारी जे, आईजी मेरठ नचिकेता झा और डीआईजी मुरादाबाद मुनीराज को शामिल किया गया था। लेकिन उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने एसआईटी के गठन पर सवाल खड़े करते हुए इसमें एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश, काउंसिल के सदस्यों को शामिल करने की मांग की थी। जिसके विरोध में अधिवक्ताओं द्वारा एसआईटी के समक्ष पहुंचकर बयान भी दर्ज नहीं कराए थे। पिछली एक सितंबर से एसआईटी हापुड़ में आ रही है, लेकिन अधिवक्ताओं ने न तो बयान दर्ज कराए और न ही किसी प्रकार के साक्ष्य प्रस्तुत किए। अब हाईकोर्ट द्वारा मामले में संज्ञान लेने और हाईकोर्ट के सेवानिृवत्त न्यायाधीश को एसआईटी में शामिल करने के बाद अधिवक्ता संतुष्ट नजर आ रहे हैं।
आंदोलन रहेगा जारी
हापुड़ बार एसोसिएशन के सचिव नरेंद्र शर्मा ने बताया कि बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के निर्देश पर अधिवक्ताओं द्वारा आंदोलन जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को अधिवक्ता हड़ताल पर रहते हुए प्रदेश के डीजीपी और प्रमुख सचिव का पुतला फूंंकेंगे। कचहरी परिसर में ही यह पुतला दहन किया जाएगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई हैं। एसआईटी के समक्ष उपस्थित होने के संबंध में उन्होंने कहा कि अब बार काउंसिल उत्तर प्रदेश की ओर से जो निर्णय आएगा, उसके निर्देशों का पालन किया जाएगा।