पावर कारपोरेशन के हापुड़ डिवीजन में बिजली बिल की वसूली से आई रकम में दो लाख रुपये घटने का मामला सामने आया है। हालांकि, विभागीय अफसर इस मामले पर पर्दा डालने में लगे हुए हैं और घाटे को किसी तरह भरने का प्रयास कर रहे हैं।
वहीं, पावर कारपोरेशन के सूत्रों के अनुसार करेंसी एक्सचेंज के खेल में यह रकम घटी है। गौरतलब है कि नोटबंदी का आदेश होते ही बिजली निगम के बिल काउंटरों पर जमा हुए 100, 50, 10 रुपये की करेंसी से 500 और 1000 के पुराने नोटों को एक्सचेंज करने का खेल शुरू हुआ था।
करेंसी एक्सचेंज को लेकर अतरपुरा बिजलीघर पर दो अधिकारियों के बीच झड़प भी हुई थी। दिल्ली रोड बिजलीघर पर एसडीओ और अवर अभियंता की झड़प भी इस मामले को लेकर हुई थी। बहरहाल, इन दिनों डिवीजन में दो लाख रुपये कैश घटने की चर्चा जोरों पर हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी नाम न छापने की शर्त पर इस बात को स्वीकारा है। पूरे मामले को दबाने के लिए कारपोरेशन कर्मचारी लगे हुए हैं और घाटे की भरपाई की रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
वहीं, एक्सईन पीके गौतम का कहना है कि इस तरह का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी और राजस्व में मिला कैश पूरा जमा कराया जाएगा।