संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। रक्षाबंधन पर बहनों को उनके भाइयों के घर तक पहुंचने के लिए परेशानी न झेलनी पड़े इसके लिए रोडवेज डिपो द्वारा अतिरिक्त बसों का संचालन और फेरे बढ़ाए गए थे लेकिन, बहनों की भीड़ उमड़ने के बाद अधिकारियों के इंतजाम कम पड़ गए और बहनें दिनभर बसों के लिए भटकती रही। बस अड्डे के साथ ही बस स्टॉप पर भी बहनों की भीड़ उमड़ी रहे और बसों में सीट पाने के लिए मारामारी मची रही। ऐसा ही हाल ट्रेनों का रहा, सीट न मिलने के कारण ट्रेनों में भी खचाखच भीड़ के बीच बहनों को सफर करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में रक्षाबंधन पर्व पर बहनों को निशुल्क यात्रा की सौगात दी गई। रोडवेज अधिकारियों ने भी रक्षाबंधन पर 40 अतिरिक्त बसों के संचालन का दावा किया और फेरे बढ़ाने का निर्णय लिया। लेकिन सोमवार सुबह से ही बहनों की भीड़ उमड़ जाने के बाद अधिकारियों के दावे फेल हो गए और बहनों को बसों की किल्लत से जूझना पड़ा।
किठौर, मोदीनगर, नोएडा, दिल्ली, स्याना मार्ग पर बसों के फेरे भी बढ़ाए गए। इसके बाद भी रोडवेज बस अड्डे में यात्री किठौर और मोदीनगर जाने के लिए बसों का इंतजार करते नजर आए। ऐसा ही हाल दिल्ली व गढ़ रोड पर भी रहा, यहां बहनें बसों के इंतजार में आधा घंटे तक खड़ी रही। जैसे ही बस आती बस की तरफ दौड़ लगाने लगती, लेकिन बस में पीछे से भीड़ होने के कारण सीट नहीं मिली। बसों में चढऩे के लिए भी धक्का मुक्की होती रही।
मेरठ-बुलंदशहर मार्ग पर भी बसों में यही हाल रहा। बहनों को कई बार तो बसों के पीछे दौडकऱ बसें पकडऩी पड़ी। रोडवेज बसों में बहनों को निशुल्क यात्रा की सौगात के चलते निजी बसों के मुकाबले रोडवेज बसों में बहनों की अधिक भीड़ उमड़ी रही। रोडवेज अधिकारियों द्वारा प्रत्येक 15 मिनट में बसों के संचालन का दावा भी हवा हवाई साबित हुआ।
ऐसा ही हाल ट्रेनों में देखने को मिला। कांशी विश्वनाथ, मेरठ खुर्जा पैसेंजर, बरेली इंटरसिटी, मेमू सहित अन्य ट्रेनों में भीड़ अधिक होने के कारण जनरल कोच में खड़े होने की भी जगह नहीं मिली। बहनों ने अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए कोच के फर्श पर बैठकर यात्रा की, वहीं भीड़ होने के कारण कई बहनों को ट्रेन में सवार होने का मौका भी नहीं मिल सका।
डग्गामार वाहनों की रही चांदी
बहनों की भीड़ बढऩे और बसों की किल्लत के कारण डग्गामार वाहनों ने खूब चांदी काटी। रोडवेज बस अड्डे के बाहर, दिल्ली रोड, बुलंदशहर रोड, मेरठ रोड, गढ़ रोड सहित लोकल मार्गों पर भी ऑटो व अन्य डग्गामार वाहनों में भी यात्रियों की भीड़ उमड़ी रही। कई वाहनों में तो क्षमता से अधिक सवारियों होने के कारण बहनों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ी।
एआरएम रणजीत सिंह ने बताया कि बसों के फेरे बढ़ाए गए थे। बसों की कमी न रहे, इसके लिए व्यवस्थित तरीके से बसों का संचालन कराया गया लेकिन यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ी।