रक्षाबंधन पर शहर में दिन भर जमकर पतंगबाजी हुई। आसमान में रंग बिरंगी पतंगों से पटा दिखा। कई युवाओं ने छतों पर खूब डांस किया। पतंग के कटते ही युवाओं की छतों पर खड़ी टोली शोर मचाने लगती थी।
रक्षाबंधन पर्व पर शहर में पतंगबाजी का रिवाज है। इस कारण पतंग उड़ाने की तैयारी बच्चों के साथ-साथ बड़ों ने भी पहले से ही कर रखी थी। बृहस्पतिवार सुबह होते ही पतंगबाजी शुरू हो गई। दोपहर के समय खिली धूप के बाद आकाश में चारों ओर पतंग दिखाई देने लगी।
दोपहर सवा दो बजे फिर आकाश में काले बादल और बारिश ने पतंगबाजी में रोड़े अटकाए लेकिन शाम होते-होते बच्चों का झुंड गलियों में खेलने के बजाय छतों पर पतंग उड़ाने में लग गया।
पतंगबाजी के शौकीन रघुवीर गंज निवासी अमित पायल, राहुल शर्मा, आर्यनगर निवासी सर्वेश भटनागर, लोकेश आदि का कहना था कि आज हवा चलने से पतंगबाजी का जमकर आनंद उठाया। गर्मी में पतंगबाजी करने का मजा ही कुछ और है। साल भर पतंगबाजी के लिए रक्षा बंधन का इंतजार किया जाता है।
भाई-बहन के अटूट प्रेम एवं विश्वास का पर्व रक्षा बंधन बृहस्पतिवार को परंपरागत ढंग से मनाया गया। बहनों ने भाईयों की कलाई पर राखी बांध कर उनकी दीर्घ आयु की कामना की।
बहनों ने घरों में पूजन करने के पश्चात पकवान आदि बनाए।
दिनभर मौसम में आए उतार-चढ़ाव को दरकिनार कर बहनें अपने भाईयों के घरों के लिए रवाना हुईं। भाईयों की कलाईयों पर राखी बांधने के बाद ही बहनों ने अन्न ग्रहण किया।
रक्षाबंधन के त्योहार पर राखी बांधने के पश्चात भाइयों ने बहनों को आभूषण, घड़ी, रुपए, चाकलेट, साडिय़ां, सूट समेत अन्य गिफ्ट आदि भेंट किए। इस दौरान भाई बहनों में प्यार भरी नोंकझोंक भी देखने को मिली।
रक्षाबंधन पर्व पर मिठाईयों की दुकान पर दिन भर भीड़ लगी रही। बहनें, भाईयों के लिए मनपसंद मिठाई खरीद रही थीं। तहसील चौपला, रेलवे रोड, मिठाईयों की दुकान पर देर शाम तक जबरदस्त भीड़ रही।
शहर में अनेक मुस्लिम युवक ऐसे हैं जो हिंदू बहनों के यहां जाकर प्रतिवर्ष राखी बंधवाकर रक्षा करने का वचन करते हैं। कानून गोयान निवासी समाजसेवी तन्नू (तनसीर परवेज)ने ज्ञान लोक में रहने वाली और मुंह बोली बहन अंजु मित्तल से राखी बंधवाई।
तन्नू ने बताया कि वह करीब 27 साल से अपनी बहन से प्रतिवर्ष राखी बंधवाते हैं। इसके अलावा अन्य मुस्लिम भाईयों ने भी अपनी मुंहबोली बहनों से राखी बंधवाई।