हापुड़। हापुड़-मुरादाबाद रेलवे लाइन के फाटक संख्या-62 कुचेसर रोड चौपल पर 60 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाया जाएगा। रेलवे विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की टीम ने संयुक्त रूप से सर्वे कर ड्राइंग भी तैयार कर ली है। राज्य सेतु निगम ने फोरलेन ओवरब्रिज के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। निर्माण होने के बाद करीब 10 गांव के लोगों को राहत मिलेगी। इसके साथ जाम की समस्या का भी समाधान होगा।
ट्रेन हादसों पर अंकुश लगाने और भविष्य में इनकी रफ्तार बढ़ाने के लिए रेलवे ने फाटकों को बंद कर उनके स्थान पर अंडरपास और ओवर ब्रिज निर्माण बनाने का निर्णय लिया है। हापुड़ में फाटक संख्या 75 पर भी अंडरपास बनाया गया है, जबकि पिलखुवा के परतापुर, कनिया कल्याणपुर, ददायरा और अटूटा रेलवे फाटकों पर अंडरपास के लिए तेजी से प्रक्रिया चल रही है।
वहीं, अब कुचेसर रोड चौपला स्थित रेलवे फाटक संख्या-62 पर ओवरब्रिज बनाने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सेतु निगम ने करीब 800 मीटर लंबे और 18 मीटर चौड़ा ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसके निर्माण के दौरान ऊर्जा निगम की विद्युत लाइन भी शिफ्ट की जाएगी। इस प्रस्ताव पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बता दें कि रेलवे फाटक से आसपास के गांवों के साथ किठौर और मेरठ जाने वाले वाहन चालकों का आवागमन होता है। ट्रेनों के आवागमन के दौरान रेलवे फाटक बंद होने से जाम की स्थिति बन जाती है।
100 से अधिक ट्रेनों का संचालन, लगता है जाम-
मुरादाबाद-गाजियाबाद रेलवे लाइन पर रोजाना 100 से अधिक सुपरफास्ट, एक्सप्रेस, पैसेंजर, स्पेशल ट्रेनें दौड़ती हैं। ऐसे में रेलवे फाटक बंद रहने के कारण दिनभर लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। एक के बाद एक ट्रेन और मालगाड़ियां गुजरने के दौरान रेलवे फाटक बंद होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। रेलवे ओवर ब्रिज बन जाने के बाद लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी और आवागमन भी आसान होगा।
इन गांवों को मिलेगी राहत
कुचेसर रोड चौपला फाटक पर रेलवे ओवर ब्रिज बनने से गांव सकरपुर, मुबारिकपुर, पीरनगर, छतनौरा, महमूदपुर, मतनौरा, औरंगाबाद, श्यामपुर जट़्ट, किठौर और मेरठ जाने वाले वाहन चालकों को राहत मिलेगी।
कोट -
कुचेसर रोड चौपला रेलवे फाटक पर फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज निर्माण को लेकर प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। - जफर राजा, सहायक अभियंता, राज्य सेतु निगम