हापुड़। रक्षाबंधन और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले मिलावटी खोया (मावा) की आपूर्ति बाजार में रोकने के लिए शुक्रवार की रात तीन जिलों के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों की टीम ने धौलाना क्षेत्र के गांव सौलाना-लालपुर में तीन निर्माण इकाइयों पर छापा मारा है। टीम ने वनस्पति घी, स्किम्ड मिल्क पाउडर से बने मिलावटी 700 किलोग्राम खोया को नष्ट कराया है। साथ ही छह नमूने लेकर करीब 4.07 लाख रुपये से अधिक का रिफाइंड ऑयल, वनस्पति घी, स्किम्ड मिल्क पाउडर सीज किया गया है। यहां बनने वाले खोया की आपूर्ति दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ और आसपास के जिलों में होती है।
विभागीय आयुक्त और जिलाधिकारी के आदेश पर शुक्रवार की रात को मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर और स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने तीन निर्माण इकाइयों की पुलिस बल की मौजूदगी में जांच की। सहायक आयुक्त चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि गांव लालपुर-सौलाना में शाहरुख पुत्र हनीफ की निर्माण इकाई पर औचक छापा मारकर खोया के दो, स्किम्ड मिल्क पाउडर का एक और वनस्पति घी का एक नमूना लिया है। मौके पर गंदगी मिली और बदबू भी थी। इस पर संचालक को नोटिस दिया गया है। पूछताछ में जानकारी मिली कि स्किम्ड मिल्क पाउडर और वनस्पति घी से खोया बनाया जा रहा था। इस पर 1.75 लाख रुपये की कीमत का 700 किलोग्राम खोया जब्त कर नष्ट कराया गया।
गांव में ही मोमिना पत्नी मोमीन की निर्माण इकाई से स्किम्ड मिल्क पाउडर का एक, रिफाइंड ऑयल का एक-एक नमूना लिया गया। मौके पर 53600 रुपये की कीमत का 268 किलोग्राम रिफाइंड ऑयल व 1.78 लाख रुपये की कीमत का 510 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर सीज किया गया।
इसके अलावा प्रदीप कुमार सिंह पुत्र देवेंद्र सिंह की खोया निर्माण इकाई पर औचक छापा मारकर दो नमूने संग्रहित किए गए हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
कार्रवाई में मेरठ से खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीरेश पाल, अतीश कुमार, सत्येंद्र सिंह तोमर, राम प्रताप गंगवार, गाजियाबाद से खाद्य सुरक्षा अधिकारी पीके वर्मा, अजय सिंह और बुलंदशहर से खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुनेंद्र सिंह राणा और इंदल यादव शामिल रहे। इसके अलावा स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरपी गुप्ता, विपिन कुमार सिंह, आरपी गंगवार, सोवेंद्र सिंह पंघाल, मोहित कुमार आदि मौजूद रहे।
आपूर्तिकर्ता के विरुद्ध भी होगी कार्रवाई
सहायक आयुक्त ने बताया कि जिले में यदि प्रतिष्ठान में वनस्पति, रिफाइंड ऑयल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, डिटर्जेंट, केमिकल आदि कोई भी वस्तु का इस्तेमाल पनीर, खोया के निर्माण में मिलता है तो फिर विक्रेता के अलावा संबंधित आपूर्तिकर्ता के विरुद्ध भी कार्रवाई होगी। यह पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस पर लाइसेंस भी निलंबित किया जाएगा।
मात्र 120 रुपये किलोग्राम में बनकर तैयार हो रहा मिलावटी मावा
स्किम्ड मिल्क पाउडर, वनस्पति घी और रिफाइंड ऑयल से बनने वाले खोया की कीमत प्रति किलोग्राम करीब 120 रुपये होती है। यह खोया बाजार में 200-250 रुपये प्रति किलोग्राम तक में बिक रहा है, जबकि शुद्ध दूध से बना खोया बाजार में 500 रुपये प्रति किलोग्राम तक है। खाद्य विभाग के अनुसार, मावा/खोया के नाम पर स्किम्ड मिल्क पाउडर के साथ वनस्पति घी या रिफाइंड तेल मिलाकर तैयार उत्पाद को सामान्य मावा नहीं माना जा सकता। एफएसएसएआई के अनुसार, खोया दूध से पानी आंशिक रूप से हटाकर, जरूरत के अनुसार दूध के ठोस पदार्थ/मिल्क फैट के साथ बनाया जाता है और उसके लिए निर्धारित संरचना व गुणवत्ता मानक हैं। वनस्पति व अन्य गैर-दुग्ध वसा का इस्तेमाल कर तैयार उत्पाद को मावा के नाम पर बेचना खाद्य मानकों का उल्लंघन है। मानकों में खोया के लिए कुल ठोस पदार्थ, दूध की वसा और अन्य गुणवत्ता मानक पूरी तरह से निर्धारित हैं।
बाबूगढ़ में तीन नमूने लिए
बाबूगढ़। बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव सरावनी में शनिवार की शाम खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने राधे डेयरी पर भी छापा मारा है। सहायक आयुक्त चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि डेयरी से दूध, पनीर और दही के नमूने लिए गए हैं। मिलावटी पनीर की शिकायत के बाद जांच की गई है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
धौलाना में तेल की जांच करते खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम। स्रोत विभाग