कुचेसर रोड चौपले पर बृहस्पतिवार रात गायक/डांसर सपना चौधरी के कार्यक्रम में भगदड़ मच गई। इस दौरान दो कलाकार और एक पुलिसकर्मी समेत कई लोग घायल हो गए। इसके बावजूद कार्यक्रम देर रात एक बजे तक चला।
कनिया महमदपुर मार्ग पर रेलवे लाइन के पास राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के दो दिवसीय वार्षिकोत्सव समारोह में दूसरे दिन बृहस्पतिवार को डांसर/गायक सपना चौधरी का कार्यक्रम था। कार्यक्रम में शाम से ही हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
काफी देर तक सपना चौधरी के नहीं आने पर लोगों ने हुड़दंग मचाना शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर हुड़दंगियों को शांत करा दिया। हुड़दंग की सूचना पर तहसीलदार सुभाष सिंह व सीओ एसके दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
कमेटी के सदस्यों और पुलिस बल द्वारा समझाने पर लोग कुछ देर के लिए शांत हो गए। सपना का कार्यक्रम शुरू होते ही फिर हुड़दंग शुरू हो गया। रात करीब एक बजे भीड़ में शामिल लोगों ने स्टेज पर अंडे और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।
पथराव से स्टेज पर मौजूद दो कलाकार घायल हो गए। पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल विजयपाल सिंह भी घायल हो गए। पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज कर हालात पर काबू पाया। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ मच गई, कई लोग घायल हो गए।
स्टेज पर मौजूद कलाकारों और सपना चौधरी को उनके बाउंसरों व कमेटी के सदस्यों ने जैसे तैसे कार्यक्रम स्थल से रवाना किया। कार्यक्रम के संयोजक योगेंद्र पहलवान का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों के हुड़दंग के बावजूद कार्यक्रम निर्बाध चलता रहा।
वहीं, एसडीएम मीनू राणा का कहना है कि कार्यक्रम के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के साथ मजिस्ट्रेट भी तैनात किया गया था। हंगामा हुआ, लेकिन कोई गंभीर मामला नहीं है। समय रहते हालात पर काबू पा लिया गया।
रागिनी कार्यक्रम के दौरान बड़ा हादसा हो सकता था। भीड़ ने हुड़दंग के दौरान लाइटों के लिए लगाई गई बल्लियों को गिरा दिया। लोग तारों को खींचकर ले जाने लगे। ऐसी स्थिति में कोई व्यक्ति करंट की चपेट में आता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
एक दिन पहले स्टेज टूटने की घटना के बाद प्रशासन ने बृहस्पतिवार को कार्यक्रम स्थगित करा दिया था। सूत्रों के मुताबिक राजनीतिक दबाव के चलते कार्यक्रम के लिए दोबारा अनुमति दी गई। खास बात यह है कि अनुमति तब दी गई,
जब कार्यक्रम में पहले से ही हंगामे के पूरे आसार थे। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि पुलिस से कार्यक्रम के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई थी। पुलिस ने हंगामे की आशंका से इंकार किया था। जिसके बाद अनुमति दी गई थी।