सिंभावली। गन्ने के बकाया भुगतान के लिए शनिवार को भाकियू संघर्ष के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरनजीत सिंह गुर्जर के नेतृत्व में सिंभावली चीनी मिल पर हंगामा किया। इस दौरान किसानों ने अर्द्धनग्न होकर धरना-प्रदर्शन किया। वहीं सड़क पर उतरने की चेतावनी दी। हालांकि, जिला गन्ना अधिकारी के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया।
सुबह दस बजे ही सरनजीत गुर्जर और जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रधान के साथ सैकड़ों कार्यकर्ता और किसान मिल के मुख्य गेट पर पहुंच गए। जिन्होंने मिल प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की मांग की। घंटों तक भी जब कोई मिलने नहीं पहुंचा, तो किसान अर्द्धनग्न होकर पुराने हाईवे की सर्विस रोड पर पहुंच गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान गढ़ निवासी तुलाराम गर्मी के कारण बेहोश हो गए।
सरनजीत ने कहा कि न्यायालय ने मिल मालिकों के अधिकार छीन कर कंट्रोलर नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। जो बैंक के कर्ज की रिकवरी मिल की संपत्ति से सुनिश्चित करेगा। कंट्रोलर पहले बैंक कर्ज को पूरा कराएगा, उसके बाद किसानों की सुध ली जाएगी। राजेंद्र प्रधान ने कहा कि किसानों का करीब 260 करोड़ रुपया मिल पर बकाया है, जिसका भुगतान न मिलने से किसान और अधिक दिक्कतों में घिर जाएगा। उन्होंने मांग की कि कंट्रोलर द्वारा चार्ज लिए जाने से पहले किसानों को पूरा गन्ना भुगतान दिलाया जाना चाहिए। गन्ना भुगतान सुनिश्चित होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सूचना के बाद जिला गन्नाधिकारी सना आफरीन मौके पर पहुंच गई। जिन्होंने काफी देर तक संगठन के लोगों से वार्ता की। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिस प्रकार किसानों को भुगतान दिया जा रहा है, वह प्रक्रिया जारी रहेगी। तब कहीं जाकर किसान शांत हुए और धरना स्थगित कर दिया। इस मौके पर सुशील प्रधान, कृष्णवीर सिंह गब्बर, नितेश पंडित, सुबे, संदीप चौधरी, अजय त्यागी, मोनू, संजीव प्रधान, गौरव कुमार, इमरान, तनुज त्यागी, मंगत गुर्जर, विनोद शर्मा, सुखपाल सिंह, रविंद्र समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सीएम से मिलकर करेंगे वार्ता
क्षेत्रीय विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया ने इस मामले में कहा कि बकाया गन्ना भुगतान के मामले में वह हर तरह से किसानों के साथ हैं। किसानों को उनकी मेहनत की कमाई जरूर मिलनी चाहिए। इस संबंध में वह रविवार को (आज) लखनऊ जाकर सीएम से वार्ता करेंगे।