संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। मिट्टी की कमी से गंगा एक्सप्रेसवे का काम अटक गया है। सिंभावली क्षेत्र में पांच किलोमीटर हाईवे और सर्विस रोड निर्माण के लिए 15 लाख घन मीटर मिट्टी की जरूरत है, जो आसपास नहीं मिल रही है। तालाबों की मिट्टी भी खत्म हो चुकी है। कार्यदायी संस्था ने इस संबंध में जिला प्रशासन से भी पत्राचार किया है।
मेरठ के बिजौली से शुरू होकर गंगा एक्सप्रेसवे हापुड़ की सीमा में प्रवेश करके करीब 30 गांवों से होकर निकल रहा है। जिले में गंगा एक्सप्रेसवे का काम लगभग पूरा हो चुका है। सिंभावली ब्लॉक क्षेत्र में पीरनगर, हिम्मतपुर, वीरसिंह पुर, माधापुर, दत्तियाना के पास पांच किलोमीटर का टुकड़ा मिट्टी की कमी से प्रभावित हो रहा है।
इस क्षेत्र में पड़ने वाले तालाबों की मिट्टी पहले ही खोदी जा चुकी है। यहां के किसानों ने भी मिट्टी देने में असहमति भी जता दी है। ऐसे में असरा और अटौला से किसी तरह मिट्टी की आपूर्ति कराई जा रही है। वहां संकरा रास्ता होने के कारण मिट्टी डलाव की रफ्तार बेहद धीमी है। अब बरसात का समय भी शुरू हो गया है। ऐसे में जल्द आस पास मिट्टी नहीं मिली तो निश्चित समयावधि तक हाईवे का निर्माण चुनौती बन सकता है।
एक्सप्रेसवे पर यह कार्य हो चुके हैं पूर्ण : खरखौदा क्षेत्र के गांव बिजौली के पास मेरठ-बुलंदशहर हाईवे-334 पर बन रहे इंटरचेंज का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। यहां बिजौली के पास गांव खड़खड़ी में से एक टोल प्लाजा बनाया जाएगा।
वहीं, सिंभावली में उतार-चढ़ाव पर टोल रैंप बनाया जाएगा। ऐसे में सफर करने वालों को दूरी के हिसाब से टोल चुकाना होगा। हालांकि, अभी दरों का निर्धारण नहीं हुआ है। गंगा एक्सप्रेसवे पर बनाया जा रहा गंगा का पुल बनकर तैयार है।