बिजली की अघोषित कटौती से हो रहे नुकसान से परेशान होकर शहर के उद्यमी बुधवार को विभाग के अफसरों को घेराव करेंगे। सूबे के मुख्यमंत्री अक्तूबर माह से शहर, देहात को निर्बाध आपूर्ति देने का वादा किया है।
लेकिन इन दिनों शहर में अघोषित कटौती ने लोगों के साथ उद्यमियों की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। आलम यह है कि दिनभर में 6 घंटे तक अघोषित कटौती की जा रही है।
दरअसल, हापुड़ में बड़े पैमाने पर उद्योग चल रहे हैं। सभी उद्योग पूर्णत बिजली पर ही निर्भर हैं। ऐसे में बिजली की अंधाधुंध कटौती से उद्यमियों को प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। मंगलवार दोपहर 12 बजे फिर से आपूर्ति गुल हो गई,
जो अपराह्न 3 बजे तक जारी रही। सोमवार रात में भी तीन घंटे की अघोषित कटौती की गई। इसके विरोध में मंगलवार को आईआईए व हापुड़ स्मॉल स्केल के पदाधिकारियों ने बैठक कर निगम अफसरों के खिलाफ आंदोलन का निर्णय लिया।
आईआईए के हापुड़ धीरखेड़ा चैप्टर चेयरमैन अतुल गोयल, मंडलीय (प्रसार) चेयरमैन अमन गुप्ता ने बताया कि बुधवार को बिजली निगम के अफसरों का घेराव किया जाएगा।
अधिशासी अभियंता पीके गौतम का कहना है कि यह कटौती लखनऊ कंट्रोल से चल रही है। लोकल स्तर पर कोई कटौती नहीं की जा रही है।