चुनावी सीजन के बाद भी बिजली निगम के अफसर सरकार की मंशा को पलीता लगा रहे हैं। इन दिनों शहर से देहात तक बिजली कटौती से हाहाकार मचा हुआ है। वहीं, रात 10 बजते ही अफसरों के फोन नॉट रिचेबल हो जाते है। भीषण गर्मी में शहरवासियों की कटौती से नींद उड़ रही है तो देहात में फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
सूबे के मुख्यमंत्री ने शहर को 20 व देहात को 16 घंटे बिजली आपूर्ति की घोषणा की थी। एक सप्ताह पूर्व मेरठ में बैठक के दौरान कमिश्नर ने भी शहर, देहात को निर्बाध आपूर्ति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन हापुड़ के बिजली अफसर इस आदेश को ठेंगा दिखा रहे हैं। ऊपर से बीते कई दिन से कटौती बेधरक शुरू हो गई है।
शनिवार रात में भी शहर में दो घंटे तक आपात कटौती कर दी गई। रविवार दिन में भी कटौती रही। वहीं, देहात को तो पूरी रात में महज दो ही घंटे बिजली आपूर्ति मिल सकी थी। आलम यह है कि देहात में आपूर्ति के बेपटरी होने से फसलों की सिंचाई प्रभावित हो गई है।
अधिशासी अभियंता मुकेश गर्ग का कहना है कि लखनऊ कंट्रोल से कटौती की गई थी। लोकल स्तर पर जितनी आपूर्ति मिलती है उपभोक्ताओं को दी जाती है। उन्होंने फोन को आउट ऑफ रेंज पर नहीं लगाया, नेटवर्किंग समस्या के चलते परेशानी हो सकती है।