हापुड़। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने शनिवार को राजस्व वसूली, विद्युत आपूर्ति, स्मार्ट मीटरिंग, बिजनेस प्लान एवं बिजली बिल राहत योजना वर्ष 2025-26 के कार्यों के लिए समीक्षा बैठक की। उन्होंने ओटीएस से पहले बकायादारों तक अधिक से अधिक नोटिस भेजकर वसूली करने के निर्देश दिए। साथ ही बिजनेस प्लान व बिजली बिल राहत योजना के कार्य समय से समाप्त न होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
बैठक की शुरूआत में बिजनेस प्लान व बिजली बिल राहत योजना के कार्य की जानकारी की। कुछ क्षेत्रों में कार्य में देरी होने पर नाराजगी जताई। बैठक में प्रबंध निदेशक ने बिजली बिल राहत योजना पर विशेष जोर देते हुए कहा कि एक दिसंबर से प्रारंभ होने जा रही बिजली बिल राहत योजना 2025-26 की तैयारी, प्रचार-प्रसार और नोटिस वितरण की प्रगति में तेजी लाई जाए। योजना का और अधिक व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए।
उन्होंने कहा कि योजना का विद्युत सखियों द्वारा भी प्रचार-प्रसार किया जाए। कैंपों के आयोजन से पूर्व स्थान पूर्व में ही चयनित करें। जिससे कि अधिक से अधिक उपभोक्ता बिना किसी असुविधा के शिविरों में अपना बिल जमा करा सकें। उन्होंने राजस्व वसूली के प्रयासों में कोई भी ढिलाई न बरतने और शत-प्रतिशत राजस्व वसूली प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।
बैठक में अधीक्षण अभियंता एसके अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष के सापेक्ष लाइनलॉस में कमी आई है और भू-रेट में वृद्धि हुई है। इस पर एमडी ने बिजली चारों पर और अधिक कार्यवाही के आदेश दिए।
कार्यालय का किया निरीक्षण
बैठक के बाद एमडी ने कार्यालय परिसर एवं विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण किया। वाणिज्यिक एवं तकनीकी अनुभागों के कार्मिकों से कार्य के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण में उन्होंने तकनीकी अनुभाग में जाकर उपभोक्ताओं को दिए जा रहे एस्टीमेट के संबंध में गहनता से जांच की और अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एस्टीमेट नियमानुसार ही बनाएं, इसमें लापरवाही पर निलंबन की कार्यवाही होगी। वहीं, कार्यालय के बाहर रखे ट्रांसफार्मर में कुछ तकनीकी खामी मिलने पर सुधार के आदेश दिए।