हापुड़। जिले के 126 आलू किसानों के बकाया भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार को किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला मुख्यालय पहुंचा, लेकिन डीएम अभिषेक पांडेय के अवकाश पर होने के कारण किसान वापस गांवों को लौट गया। वहीं, किसानों ने सोमवार से धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी गई। साथ ही अधिकारियों से अब आर-पार की लड़ाई को लेकर तैयारी भी शुरू कर दी है।
पीड़ित किसान नदीम ने बताया कि बेंगलुरु की कंपनी पर किसानों का करीब ढ़ाई करोड़ रुपये बकाया है। 17 नवंबर को जिले के अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया था। इस मामले में 20 जनवरी तक भुगतान को लेकर समय दिया गया था, लेकिन अभी तक भी कोई भुगतान नहीं हुआ है। इससे किसानों में रोष व्याप्त है। हालांकि, अधिकारियों ने भुगतान को लेकर आश्वासन दिया है और कर्नाटक के अधिकारियों से बातचीत की बात भी कही है, लेकिन भुगतान नहीं हो रहा है।
उन्होंने बताया कि 21 जनवरी को सभी किसानों को डीएम कार्यालय में धरने के लिए आना था, लेकिन जिला उद्यान अधिकारी डॉ. हरित कुमार के द्वारा तीन दिन में भुगतान का आश्वासन दिया गया। 23 जनवरी बीतने के बाद भी किसानों को भुगतान नहीं किया गया है।
बताया कि पिछले वर्ष 15 अप्रैल से किसान धरना-प्रदर्शन व अपनी मांगों को पूर्ण कराने के लिए संघर्षरत है, लेकिन आश्वासन के लिए कुछ भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रविवार तक भुगतान नहीं हुआ तो फिर सोमवार से मजबूरन किसान अपने भैंसा-बुग्गी, मवेशियों व परिवार के साथ डीएम कार्यालय में निरंतर धरने पर बैठेंगे और इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान योगेंद्र शर्मा, समरपाल सिंह, संदेश गिल, मयंक, सुधीर, हरपाल सिंह, बोबींद्र, रविंद्र, नरेश चंद शर्मा, रामनिवास त्यागी, हरेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार, नवीन कुमार, अशोक कुमार, जितेंद्र कुमार और सतीश कुमार मौजूद रहे।
21 सदस्यीय कमेटी तय करेगी आगे के निर्णय
किसान नदीम ने बताया कि पीड़ितों ने मिलकर 21 सदस्यीय कमेटी बनाई है, जो भविष्य में धरना-प्रदर्शन आदि को लेकर रुपरेखा तय करेगी। भविष्य में मेरठ में मंडलायुक्त और लखनऊ में भी धरना-प्रदर्शन करने की तैयारी है।