धौलाना। गौतमबुद्धनगर के ऊंचा अमीरपुर गांव में 24 घंटे के भीतर दो बहनों की मौत का राज पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी नहीं खुल सका है। हालांकि, पुलिस ने बिसरा सुरक्षित रख लिया है। आरोप है कि परिजनों ने धौलाना सीएचसी से दोनों बहनों को फुंसी ठीक करने की दवा लेकर खिलाई थी। दवा खाने के बाद उनकी हालत बिगड़ी गई और मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने मामले में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की है।
परिजनों ने धौलाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री मंत्री के नाम एसडीएम धौलाना को शिकायती पत्र भेजा है। जितेंद्र कुमार उर्फ लक्की जाटव ने कहा है कि पांच अगस्त को अपनी मां निर्मला देवी और दोनों बेटियों शिवांगी (9) व साक्षी (5) को लेकर धौलाना सीएचसी गए थे। आरोप है कि कमरा नंबर नौ में तैनात चिकित्सक से परामर्श के बाद दवाएं दी गईं। शाम को घर लौटने के बाद दोनों बच्चियों को शरीर पर तेज खुजली और सूजन होने लगी। छह अगस्त को शिवांगी को दोबारा धौलाना सीएचसी ले जाया गया। जहां दवा बदल दी गई, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और सात अगस्त को हापुड़ सीएचसी में इलाज के दौरान दम तोड़ गई। गमगीन माहौल में परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।अगले ही दिन 8 अगस्त को छोटी बहन साक्षी की तबीयत भी बिगड़ गई। हापुड़ सीएचसी से उसे मेरठ मेडिकल रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही साक्षी ने भी दम तोड़ दिया। आरोप है कि परिजन जब शव लेकर धौलाना सीएचसी पहुंचे तो केंद्र पर ताला लटका मिला और प्रभारी चिकित्सक मौके से गायब थे। बाद में तहसीलदार प्रवेश कुमार व पुलिस ने पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसडीएम रेनू सिंह का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। चिकित्सकों की टीम भी जांच कर रही है। अगर लापरवाही हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।