हापुड़। जिले में सख्ती के बाद वायु प्रदूषण का स्तर लगातार कम हो रहा है। बृहस्पतिवार को जिले का औसत एक्यूआई 344 दर्ज हुआ है। वहीं, ग्रेप की पाबंदियों में कमी की गई है, लेकिन अभी भी जिले की हवा जहरीली बनी हुई है। इस कारण लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन की समस्या बनी हुई है।
जनपद की करीब 20 लाख की आबादी ने लगातार तीन दिनों तक एनसीआर में सबसे अधिक प्रदूषित जिले की हवा में सांस लिया था। देश में सबसे अधिक हापुड़ की हवा प्रदूषित थी। इस कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। हालांकि, मंगलवार से वायु प्रदूषण कम होना शुरू हुआ, जो सोमवार के मुकाबले करीब 70 अंक गिरकर 344 एक्यूआई दर्ज हुआ है, जबकि सोमवार को जिले का औसत एक्यूआई 416 पहुंच गया था।
वहीं, वायु प्रदूषण अधिक होने के कारण सड़कों पर रात और सुबह में स्मॉग का असर अभी भी बना हुआ है। बृहस्पतिवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 377 दर्ज हुआ है, जो पिछले तीन दिनों से हापुड़ से कम बना हुआ था।
आसपास के जिलों में एक्यूआई की स्थिति
जिले का नाम औसत एक्यूआई
गाजियाबाद 358
ग्रेटर नोएडा 381
मेरठ 308
बुलंदशहर 269
नोएडा 391
नोट : सीपीसीबी के अनुसार।
बुधवार को ये रहा प्रदूषण का स्तर
समय एक्यूआई
सुबह पांच बजे 377
सात बजे 377
नौ बजे 373
11 बजे 369
दोपहर एक बजे 363
तीन बजे 350
शाम पांच बजे 340
छह बजे 335
नोट : सीपीसीबी के अनुसार।
कोट -
एनसीआर में ग्रेप तीन की पाबंदी हटा दी गई हैं। लगातार वायु प्रदूषण कम हो रहा है। कई विभागों के अधिकारी मिलकर प्रदूषण को कम करने में लगे हैं। जल्द ही स्थिति बहुत अच्छी हो जाएगी।
- विपुल कुमार, सहायक अभियंता, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
फ्लाईओवर पर घास में लगाई आग
बृहस्पतिवार को किसी व्यक्ति ने पुराने हाईवे पर कुचेसर रोड चौपला के फ्लाईओवर के डिवाइडर की घास में आग लगा दी। इससे चारों तरफ धुएं का गुबार दिखाई देने लगा और लोगों को सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई। हालांकि, आग किसने लगाई इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। पुलिस ने भी आग की जानकारी से इंकार किया है।