हापुड़। शहर की हवा जहरीली होने लगी है। शुक्रवार को एक्यूआई लाल श्रेणी में पहुंच गया और एक्यूआई 330 तक दर्ज किया गया। प्रदूषण बढऩे के साथ ही आंखों में जलन की शिकायत बढ़ रही है। सीएचसी में अस्थमा, चर्म रोगी और नेत्र रोगी भी बढ़ रहे हैं।
बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रैप का चौथा चरण लागू हो चुका है। लेकिन प्रदूषण की रोकथाम के लिए इसकी पाबंदियों का असर दिखाई नहीं दे रहा है। खुले में सड़कों पर निर्माण सामग्री पड़ी है, हल्की हवा से ही धूल उड़ने लगती है। बृहस्पतिवार को अधिकतम एक्यूआई 311 दर्ज किया गया था, लेकिन शुक्रवार को प्रदूषण का स्तर बढ़ने से सुबह एक्यूआई 330 तक दर्ज किया गया। वहीं, सांस रोगियों को दिक्कत होने लगी है। वहीं घरों से बाहर निकले लोगों को भी आंखों में जलन महसूस हुई। सीएचसी में भी नेत्र रोग, अस्थमा और चर्म रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
-अस्थमा और हृदय रोगी रखें ध्यान
फिजिशियन डॉ.प्रदीप मित्तल ने बताया कि प्रदूषण बढ़ने से हानिकारक कण फेफड़ों को प्रभावित करने लगे हैं। ऐसे में अस्थमा रोगी मास्क लगाकर बाहर निकलें। हृदय रोगी दवाएं न छोड़ें। रक्तचाप की जांच करते रहें, समस्या होने पर तुरंत परामर्श लें। आखों को ताजे पानीे से समय समय पर धोते रहें। मौसम वैज्ञानिक डॉ.अशोक कुमार ने बताया कि पहाड़ों में हो रही बर्फबारी और बारिश का असर मैदानी क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। अभी दो तीन दिन रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और कोहरे का प्रकोप भी सताएगा।
कोहरे ने दी दस्तक, वाहन चालकों को हुई परेशानी-
दिसंबर की शुरुआत कोहरे के साथ हुई। मौसम में बदलाव के चलते मौसम भी सर्द होने लगा है और तापमान में भी गिरावट होने लगी है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान बृहस्पतिवार की तुलना में दो डिग्री कम रहा। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई और वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी।