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खुली पोल, शौच मुक्त गांवों की रिपोर्ट में झोल

Sun, 04 Sep 2016 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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शौचालय - फोटो : अमर उजाला
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प्रशासन की ओर से खुले में शौच मुक्त घोषित जिले के 24 गांवों की पोल अब खुलने लगी है। शेखपुर गांव के ग्रामीणों ने निरीक्षण करने आईं उप निदेशक पंचायत के सामने शौचालय निर्माण में हो रहे गड़बड़झाले की शिकायत की, तो वह निरीक्षण बीच में ही छोड़कर लखनऊ लौट गईं।
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दरअसल, खुले में शौच मुक्त घोषित इस गांव में अब तक 154 परिवारों में से करीब 50 के पास शौचालय नहीं हैं। प्रशासन ने आनन-फानन में इस गांव को खुले में शौच मुक्त करार दिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि शौचालय निर्माण पर ग्राम प्रधान और डीपीआरओ के बयान ही विरोधाभाषी हैं।

प्रशासन की ओर से पिछले दिनों 24 गांवों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया था। इनमें से दो गांवों धौलाना क्षेत्र के नंगला उदयपुर और सिंभावली के हैदरपुर का उप निदेशक प्रवीणा चौधरी ने सत्यापन किया था।
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चार दिन बाद ही प्रशासन की करतूत की पोल खुल गई। खुले में शौच से मुक्त घोषित शेखपुर गांव के लोगों ने का आरोप है कि गांव में गंदगी का आलम है। 50 घरों में अब भी शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है। सिर्फ गड्ढे खोदे गए हैं। ग्राम प्रधान इनको सरकारी फंड नहीं दे रहा है।

प्रधान लाभार्थी को 12 हजार रुपये की बजाय सात हजार रुपये ही दे रहे हैं। इसकी शिकायत पहले भी डीएम से की जा चुकी है। ग्रामीण अशोक कुमार, सुखबीर सिंह, अनिल, सुभाष सिंह, राजकुमार, अशोक, यशपाल सिंह, बुजपाल ने मामले की शिकायत उप निदेशक पंचायत मेरठ प्रवीणा चौधरी से की है।

ग्राम प्रधान सुनीता का कहना है कि गांवों में शौचालयों का निर्माण जारी है। अनियमितताओं का आरोप निराधार है। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा का कहना है अगर वास्तव में शौच मुक्त गांव में यह स्थिति है तो मामला गंभीर है। इसकी जांच करायी जाएगी।
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