हापुड़। देहरा गांव में महाराणा प्रताप के जन्मोत्सव पर शोभायात्रा के दौरान बवाल में घायल हुए लोगों का हाल जानने बृहस्पतिवार को गांव जा रहे कांग्रेसी दल को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान कांग्रेसियों ने जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। दल को प्रदेश कमेटी ने नामित कर देहरा जाने के निर्देश दिए थे। पदाधिकारी सीओ को ज्ञापन देकर लौट गए।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने बताया कि 9 मई को देहरा में दो पक्षों में आपसी कहासुनी के बाद हिंसा हो गई थी। घटना की वस्तुस्थिति जानने और पीडि़त परिवार में घायलों से मिलने के लिए बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा 25 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को जाना था लेकिन पुलिस प्रशासन ने बीच रास्ते में ही कांग्रेसियों को रोक दिया।
इस दौरान उनकी पुलिस प्रशासन से नोकझोंक और धक्कामुक्की भी हुई। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने सीओ वरुण मिश्रा को ज्ञापन सौंपा।
शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने कहा हैं कि कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता शोषितों, वंचितों और पीडि़त परिवार के साथ खड़ा है। इस प्रकरण को लेकर सेवादल के राष्ट्रीय सचिव दिनेश कौशिक, सैय्यद अयाजुद्दीन, डॉ. शोएब, शहजादा चौधरी, लाल बहादुर, कुलदीप आत्रेय, इकबाल सैफी, सौरभ भारद्वाज को पुलिस प्रशासन ने हाऊस अरेस्ट कर लिया।
ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व विधायक गजराज सिंह, अरविंद शर्मा, मिथुन त्यागी, दिनेश चंद शर्मा, रजनीश त्यागी, नरेश भाटी, मुरसलीन चौधरी, मानवी सिंह, रश्मि चौधरी, गौरव गर्ग, खुशनूद, दीपक मोघे, सुधीर शर्मा, फुरकान आदि रहे।