गढ़मुक्तेश्वर। बीमा क्लेम लेने के लिए बेटे ने ही पिता की हत्या कर सड़क हादसे में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में आरोपी पुत्र के गिरफ्तार होने के बाद पुलिस इस हादसे की फिर से जांच करेगी, क्योंकि पूर्व में हुई इस जांच में एफआर (अंतिम रिपोर्ट) लग गई थी।
जनपद मेरठ के गंगा नगर निवासी विशाल ने गढ़ कोतवाली में 20 अप्रैल 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उल्लेख किया कि उसके पिता मुकेश कुमार 27 मार्च को संजय नामक युवक के साथ ब्रजघाट से घर लौट रहे थे। गढ़ चौपले पर पहुंचने के दौरान वह शौच करने के लिए रुके, जहां पीछे से आए अज्ञात वाहन ने उनको टक्कर मार दी। हादसे में उनके पिता घायल हुए, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसके बाद उनके पिता को मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद घटना स्थल का निरीक्षण किया। उसके बाद आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच के बाद लोगों से वाहन की जानकारी की। कोई वाहन और सबूत ने मिलने पर पुलिस ने घटना में एफआर लगा दी थी।
बीमा क्लेम मांगने पर खुली पोल
मेरठ के गंगानगर मुकेश सिंघल कई कंपनियों में बीमा पालिसी धारक थे। मृतक की घोषित सालाना आय 12.15 लाख रुपये थी, जबकि कुल बीमा क्लेम 39 करोड़ रुपये का था। बीमा में उनके उत्तराधिकारी बेटे विशाल कुमार ने कंपनी में क्लेम किया था। अस्पताल के मेडिकल रिकार्ड के मुताबिक दुर्घटना रात को हुई थी। उसके बाद में मौत मेरठ के आनंद अस्पताल में दर्शाई गई। तथ्यों में विरोधाभास होने पर कंपनी को शक हुआ और जांच शुरू कराई गई। जांच में सामने आया कि सड़क दुर्घटना में बताई गई चोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिखाई गई चोट मेल नहीं खा रही हैं। बीमा क्लेम की इतनी बड़ी राशि, घोषित आय में बड़ा अंतर, हत्या की साजिश और फर्जी कागजात से धोखाधड़ी का संकेत मिल रहे थे। जिसके बाद विशाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
हापुड से पकड़ा गया आरोपी विशाल
क्लेम के नाम पर हत्या कराने वाला आरोपी बेटा विशाल हापुड़ से गिरफ्तार हो चुका है। उसके द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के बाद कई मामले खुलते नजर आए। इसके बाद पुलिस अब आगे की कार्रवाई कर रही है।
कोट -
कोतवाली में जो एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उसमें जांच कराने पर कोई वाहन नहीं मिला था। मामले में एफआर लगाई जा चुकी है। अब उच्चाधिकारियों के आदेश पर दोबारा विवेचना कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।- स्तुति सिंह, सीओ