हापुड़। नगर कोतवाली पुलिस ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के विभिन्न जिलों से दो पहिया वाहनों की चोरी कर उनके पुर्जे बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 बाइक, पांच स्कूटी व 18 दोपहिया वाहनों के पुर्जे बरामद किए हैं। आरोपी पिछले आठ साल से चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।
एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुनीष प्रताप सिंह व उनकी टीम ने मुखबिर की सूचना पर दो बाइक पर सवार चार आरोपियों को पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान पप्पू, नसीर निवासी गांव इमलिया, जीशान निवासी मोहल्ला कोठरा शाहनगर व शकील अहमद निवासी काली नदी पुल के पास, जिला बुलंदशहर के रूप में हुई। इनके अलावा पुलिस ने गैंग के सदस्य अमित निवासी मोहल्ला चांदपुर पूडी, अनस खान निवासी गांव शाहनगर व बंटी निवासी गांव नयाबांस मालिक की मंढैया जिला बुलंदशहर को चितौली रोड स्थित भट्टे के पास से गिरफ्तार किया। जबकि गैंग का आठवां सदस्य साजिद निवासी गांव अगौता फरार हो गया।
एसपी ने बताया कि आरोपी पप्पू व नसीर दोपहिया वाहनों की चोरी कर अमित, अनस खान व बंटी को देते थे। इसके बाद खराद मशीन पर चेसिस नंबर को मिटाकर मिस्त्री जीशान, कबाड़ी शकील व साजिद की मदद से वाहनों के पुर्जों को बेच देते थे। आरोपियों से थाना कविनगर गाजियाबाद, थाना सूरजपुर जिला गौतमबुद्धनगर, थाना सदर जिला गुरुग्राम हरियाणा, थाना तीमारपुर दिल्ली व थाना हापुड़ नगर से चोरी की गई दस बाइक मिली हैं। गिरफ्तार आरोपियों पर एनसीआर क्षेत्र के विभिन्न जिलों में 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। जबकि आरोपी जीशान पर इनके अतिरिक्त जिला बुलंदशहर के थाना अगौता व सिकंद्राबाद में तीन मुकदमे दर्ज हैं।
आठ साल से चोरी कर रहे थे बाइक
आरोपी वर्ष 2016 से दोपहिया वाहनों की चोरी करके उनके पुर्जे बेचने का काम कर रहे थे। इस बीच पुलिस ने कई बार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा। लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपियों ने फिर यही धंधा शुरू कर दिया। गिरोह के सदस्य विभिन्न राज्यों से वाहन चोरी करते थे। रात को पहले उनकी रेकी की जाती थी और फिर वाहनों को चोरी किया जाता था। इनके पास लॉक तोड़ने के उपकरण मौजूद होते थे। वहीं, आरोपी भीड़ भाड़ वाले स्थानों से वाहन चोरी करते थे।
गिरोह में सभी का अलग-अलग काम
चोरी के इस धंधे में सभी आरोपियों का अलग-अलग काम होता था। गिरफ्तार पप्पू व नसीर वाहन चोरी करते थे। अमित, अनस व बंटी खराद मशीन से चेसिस नंबर को मिटाकर वाहन का कटान करते थे। मिस्त्री जिशान, कबाड़ी साजिद व शकील कटान के बाद वाहनों के पुर्जों को बेचने का काम करते थे। पुर्जे बेचने के लिए बाइक के मैकेनिकों से संपर्क किया जाता था। संबंध हो जाने पर जरूरत के हिसाब से भी मैकेनिक पुर्जों की मांग करते थे।