क्षेत्र के जरौठी रोड पर प्लाइवुड फैक्ट्री में शार्ट सर्किट से आग लग गई। इससे करीब 50 लाख की क्षति होने का अनुमान है। भीषण आग को बुझाने के लिए हापुड़, बुलंदशहर व गाजियाबाद की 6 दमकल गाड़ियों को लगाया गया।
चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इंद्रलोक कालोनी निवासी सुनील गर्ग की जरौठी रोड पर सचदेवा प्लाइवुड नाम से फैक्ट्री है। बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े बारह बजे फैक्ट्री में शार्ट सर्किट से आग लग गई।
इसकी सूचना चौकीदार ने मालिक को दी। सूचना मिलते ही मालिक सुनील गर्ग ने घर के पास स्थित फायर ब्रिगेड कार्यालय पहुंचकर जानकारी दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची।
फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। भीषण आग को देखकर जिले की तीनों गाड़ियों को बुलाया गया। इसके बाद गाजियाबाद के मोदीनगर से एक व बुलंदशहर से दो गाड़ियां मंगवाई गईं।
फैक्ट्री में आग से बचाव के लिए फायर उपकरण लगे थे। जिनमें पानी की टंकी व सबमर्सिबल भी शामिल हैं। भयंकर आग के चलते इससे बचाव के उपकरण भी जल गए। फैक्ट्री में दिन में आग लगती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
दिन में एक दर्जन से अधिक मजदूर वहां काम करते हैं। जिनके फैक्ट्री परिसर में ही क्वार्टर बने हैं। ऐसे में रात में समय पर पता चलने से मजदूरों की जान बच गई। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर कर्मियों ने सुबह लगभग चार बजे आग पर काबू पाया। इस दौरान आग से लगभग 50 लाख रुपये का माल जल गया।
दिन निकलने पर काफी संख्या में व्यापारी वहां पहुंचे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनिमेष सिंह ने बताया कि आग के कारणों की जांच की जा रही है। शार्ट सर्किट से आग लगना बताया जा रहा है, लेकिन प्रथम दृश्यता मामला संदिग्ध लग रहा है।
जिले में पूर्व में भी प्लाइवुड फैक्ट्री में आग लग चुकी। पन्नापुरी निवासी संजय गर्ग की फैक्ट्री में एक अप्रैल की रात को भयंकर आग लग गई थी। जिसमें लाखों रुपये का माल जल गया था। इसके अलावा भी कई बार अन्य फैक्ट्रियों में भी आग लगने की छिटपुट घटनाएं हो चुकी हैं।