सूरज की किरणें सुबह से ही झुलसाने लगीं
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मौसम की बेरहमी थम नहीं रही है। रविवार को दोपहर पारा 39 डिग्री और इसके बाद दिन चढ़ने पर 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। भीषण गर्मी और गर्म हवा के थपेड़ों से लोग बेहाल रहे।
चिलचिलाती धूप की वजह से लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए और शाम होने का इंतजार करने लगे। सूरज की तेज किरणों सुबह से ही लोगों के तन को झुलसाने लगती है। गर्म हवाओं ने लोगों का निकलना मुश्किल कर दिया था।
लोग बिना मुंह पर कपड़ा बांधे, टोपी लगाए या फिर छाता लिए बिना घरों से नहीं निकल पा रहे थे। आलम यह रहा कि कूलर और पंखे भी बेअसर हो रहे थे। गर्मी से बचने के लिए तमाम तरीके के जतन कर रहे हैं। लेकिन उनकी कोई जुगत काम नहीं आ रही है।
गर्मी के कारण लोगों का गला थोड़ी थोड़ी देर बाद सूखने लगता तो वह पानी की तलाश करते दिखाई देने लगे थे। गर्मी के कारण दोपहर को शहर की प्रमुख सड़कें और मुख्य बाजारों में लोगों की संख्या काफी कम रहती है।
पॉश कालोनी तो सुनसान हो जाती है। सभी लोग गर्मी के कारण घरों में कैद होने को मजबूर हो रहे हैं। शाम को सूरज ढलने के बाद जरूर कुछ राहत मिली।
वहीं चिकित्सक लोगों को गर्मी से बचने, बासी खाना न खाने की सलाह दे रहे हैं। वहीं पशुपालक इस गर्मी में अपने पशुओं को सुरक्षित बचाने में लगे हुए हैं