शीतलहर, पाला और धुंध से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बृहस्पतिवार सुबह इस करद पाला पड़ा था, जैसे बर्फ की चादर जमी हो। पाला और शीतलहर ने जहां लोगों को जबरदस्त ठंड का एहसास कराया। वहीं, आलू किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ गई हैं।
पिछले कुछ दिनों से पाला और कड़ाके की ठंड से लोग बेहाल हैं। बृहस्पतिवार सुबह जबरदस्त पाला देखने को मिला। क्षेत्र में सुबह सुबह बर्फ की चादर की तरह पाला फैला हुआ था। सुबह के समय गला देने वाली ठंडक थी। लोग जगह-जगह अलाव तापते मिले।
हालांकि, दिन चढ़ने पर अच्छी धूप निकली, लेकिन पाला और शीतलहर के चलते बेअसर रही। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं, लगातार पड़ रहे पाले से आलू किसान चिंतित हैं। यही हाल कुछ दिन और रहा आलू की फसल बुरी तरह प्रभावित होगी। पाले से बचने के लिए किसानों ने आलू की फसल की सिंचाई शुरू कर दी है।
श्यामपुर निवासी किसान नरेंद्र सिंह सहवाग ने बताया कि पाला कुछ दिन और ऐसा ही रहा तो आलू की फसल पर प्रभाव पड़ सकता है। लालपुर गांव निवासी संदीप ने बताया कि बुधवार रात भयंकर पाला पड़ा है, जिससे आलू की फसल को नुकसान हुआ है।
सर्वोदय कालोनी निवासी नरेंद्र ने बताया कि उनका पछेता आलू तो पाले में पट्ट हो गया है। अगर और पाला पड़ा तो आलू की अगेती फसल को भी नुकसान होगा।