अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र न बनाए जाने का विरोध
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धनगर अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र न बनाए जाने के विरोध में सोमवार को अखिल भारतीय धनगर महासभा के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम ऑफिस में सौंपा।
महासभा के जिलाध्यक्ष संजय पाल धनगर और संजीव पाल ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 10 जुलाई 2006 को फैसला दिया था कि धनगर जाति गडरिया की उपजाति है और धनगर अनुसूचित जाति में आती है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी धनगर जाति के पक्ष में निर्णय दिए हैं। हाईकोर्ट के आदेश व आयोग के निर्णय को मानते हुए प्रदेश सरकार ने भी 24 अक्टूबर 2013 को धनगर जाति के जाति प्रमाणपत्र बनाने का शासनादेश जारी किया।
लेकिन अभी भी तहसीलदार धनगर जाति के जाति प्रमाणपत्र नहीं बना रहे हैं। धनगर जाति के लोगों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम आफिस में देकर जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने की मांग की है।
ज्ञापन देने में सुभाष पाल धनगर, भीम सिंह धनगर, मनीष पाल धनगर, विपिन धनगर, धर्मवीर पाल, नेपाल सिंह धनगर, मोहित पाल, मोहन पाल, नितेश पाल, यशवीर सिंह धनगर, जयप्रकाश धनगर आदि रहे।