बैकों से कैश नहीं मिलने से परेशान लोगों ने बुधवार को हापुड़, पिलखुवा और गढ़ में जगह-जगह सड़कों पर जाम लगाकर नारेबाजी की। शहर के बुलंदशहर रोड स्थित ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में कैश नहीं होने पर सुबह 8 बजे से कतारों में लगे ग्राहक भड़क गए।
उन्होंने बैंक प्रबंधन के खिलाफ हंगामा कर बुलंदशहर रोड पर जाम लगा दिया। हालांकि, पुलिस ने लोगों को शांत कराकर आधे घंटे बाद यातायात सुचारु कराया। इसी तरह पिलखुवा में पीएनबी में सुबह मैनेजर पर अपने खास लोगों को कैश देने का आरोप लगाकर लोगों ने हाईवे पर आधे घंटे यातायात ठप रखा।
नोटबंदी के 22 दिन बाद भी बैंकों में कैश की किल्लत है। बुधवार को बुलंदशहर रोड स्थित ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में कैश नहीं होने के कारण 11 बजे तक शटर नहीं खुला। इसपर सुबह 8 बजे से कतार में खड़े ग्राहकों का गुस्सा भड़क गया।
उन्होंने बैंक अफसरों के खिलाफ नारेबाजी कर बुलंदशहर रोड को जाम कर दिया। इससे वहां तैनात पुलिस कर्मियों के हाथ पांव फूल गए। हालांकि, मौके पर पहुंची भारी पुलिस बल ने गुस्साए ग्राहकों को शांत कराकर यातायात सुचारु कराया।
वहीं, शहर के अन्य बैंकों में भी ग्राहकों की लंबी कतारें लगी रहीं। दोपहर तक अधिकांश बैंकों में कैश खत्म हो गया था। ऐसे में ग्राहकों को मुख्य बैंकों के बाहर लंबी कतारों में लगकर परेशान होना पड़ा।
एलडीएम एपी चतुर्वेदी का कहना है कि बैंकों में पैसा भिजवाया जा रहा है, ग्राहकों की मांग के अनुसार करेंसी नहीं मिल पा रही है। इसलिए यह समस्या हो रही है। जल्द इस समस्या से राहत दिला दी जाएगी।
उधर, पिलखुवा के कोतवाल अजय अग्रवाल ने बताया कि जाम लगने की सूचना मिलने के बाद पुलिसफोर्स मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराकर आधे घंटे बाद यातायात सुचारु कराया।
पैसे नहीं मिलने से परेशान रेलवे रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर भी सुबह लोगों ने हंगामा किया। इस दौरान बैंकों के अधिकारियों से ग्राहकों की नोंकझोंक भी हुई। उधर, बैंक के शाखा प्रबंधक का कहना है कि जितना कैश मिलता है, उतना लोगों को बांट दिया जाता है।
उपैड़ा गांव स्थित इंडियन बैंक और सिंडीकेट बैंक में तीन दिन से ग्रामीणों को कैश नहीं मिल रहा है। एटीएम सुविधा बदहाल पड़ी है। ग्रामीणों ने अपराह्न दो बजे के बाद बैंक अफसरों पर अपने जानकारों को नकदी देने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया।
साथ ही कहा कि राहत नहीं मिला तो आंदोलन करेंगे। उपैड़ा स्थित दोनों बैंक में बीते तीनों से पैसा नहीं मिल रहा है। सुबह 8 बजे से ही ग्रामीण बैंकों के बाहर कतार में लग जाते हैं। लेकिन दोपहर तक कैश नहीं बांटा जाता है।
इसके विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार को बैंकों के बाहर प्रदर्शन कर बैंक अफसरों पर अपराह्न दो बजे के बाद अपने मिलने वालों को कैश देने का आरोप लगाया है। साथ ही जल्द कैश न मिलने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रदर्शन करने वालों में गीता देवी, सीमा, अनीश, रिंकू त्यागी, ह्द्रेश त्यागी, राजकुमार, अन्नू, ऋषि, सुशील, जयभगवान, राकेश त्यागी, बिजेंद्र, हनी, अंकुर त्यागी, हरीश त्यागी, सुशील त्यागी, मोनू त्यागी, अरूण, नेपाल आदि मौजूद रहे।
एलडीएम एपी चतुर्वेदी का कहना है कि कैश नहीं बटने के मामले की उन्हें जानकारी नहीं है। वह निरीक्षण कर इसकी जांच करेंगे। ग्राहकों को परेशान नहीं होने दिया जायेगा।
जिले के बैंकों से किसानों को दो हजार रुपये से अधिक कैश नहीं मिल रहा है। ऐसे में किसान को खाद-बीज खरीदने में मशक्कत करनी पड़ रही है। ततारपुर निवासी एक किसान ने लालपुर स्थित बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी पर अभद्रता और चेक पर कैश खत्म लिखने का आरोप लगाया है।
ततारपुर निवासी सचिन ने बताया कि वह लालपुर स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पर चेक से 4 हजार रुपये निकालने के लिए गया था। सुबह 9 बजे वह लाइन में लगा था, उसका नंबर अपराह्न तीन बजे आया।
आरोप है कि बैंक कर्मचारी ने किसान को मात्र एक हजार रुपये देने की बात कही। इसपर किसान ने चार हजार रुपये की मांग की। इससे गुस्साए बैंक कर्मचारी ने उसके चेक पर कैश खत्म होने की बात लिख दिया।
एलडीएम एपी चतुर्वेदी का कहना है कि कैश की कमी होने के कारण ग्राहकों को कम पैसा दिया जा रहा है। किसी से अभद्रता नहीं की जा रही है। करेंसी मिलते ही ग्राहकों को पर्याप्त पैसा दे दिया जाएगा।