फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hapur News: खून के नमूनों की जांच में खेल, लैब सील, नौ को नोटिस जारी

Tue, 15 Oct 2024 11:00 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़। स्वास्थ्य विभाग में बिना पंजीकरण मरीजों के रक्त नमूनों का परीक्षण कर, रिपोर्ट तैयार करने वाली पैथोलॉजी लैब को टीम ने सील किया है। साथ ही छह अन्य लैब व तीन क्लीनिक को नोटिस जारी किया है। गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में स्वास्थ्य माफियाओं पर दो सप्ताह में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
विज्ञापन


गढ़मुक्तेश्वर में एनजी डायग्नोस्टिक कंप्यूटराइजड लैब, डिजिटल एक्सरे केंद्र खोला हुआ है। डिप्टी सीएमओ डॉ.दिनेश भारती ने केंद्र का निरीक्षण किया। मरीजों के रक्त नमूनों की जांच की जा रही थी। लेकिन लैब और एक्सरे संबंधी कोई पंजीकरण संचालक नहीं दिखा सका। केंद्र का संचालक नदीम अहमद बताया गया है।

कुल मिलाकर बिना पंजीकरण मरीजों के रक्त नमूनों की जांच की जा रही थी। लैब के बाहर बोर्ड पर नई पीढ़ी का डायग्नोस्टिक सेंटर लिखवाया गया था, ताकि मरीजों को ज्यादा भरोसा हो सके। केंद्र पर प्रचलित जांच के साथ ही हीमोटोलॉजी, बॉयोकेमस्ट्री, ट्यूमर मार्कर, हार्मोनल जांच की भी मरीजों को सुविधा दी जा रही थी। सामान्यत इन लैबों पर ऐसी मशीनों की सुविधा नहीं होती। लेकिन मरीजों को गुमराह किया जा रहा था।
विज्ञापन


उपकरणों के हैं सप्लायर-

एनजी डायग्नोस्टिक सेंटर भले ही एक छोटी दुकान के बाहर लिखा हो। लेकिन इसके पीछे संचालकों के कारनामे बड़े हैं। बिना पंजीकरण जांच का खेल करने के साथ ही जांच संबंधी उपकरणों का भी इन्हें बड़ा सप्लायर बताया जा रहा है। लैब के बाहर बोर्ड पर भी इस बारे में लिखा है।



नौ अन्य लैब और क्लीनिक को दिए नोटिस-

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गढ़मुक्तेश्वर में छह लैब व तीन क्लीनिकों को भी नोटिस दिए हैं। जांच के दौरान केंद्र संचालक पूरे दस्तावेज नहीं दिखा सके। जिस कारण उन्हें कुछ समय दिया गया है। हालांकि नोटिस जारी किए जाने के मामले में पहले भी विभाग पर सवालिया निशान लगते रहे हैं। अब अधिकारी कार्रवाई का दम भर रहे हैं।

स्वास्थ्य माफियाओं का गढ़ है गढ़मुक्तेश्वर-

गढ़मुक्तेश्वर में सबसे अधिक स्वास्थ्य संबंधी माफिया मिल रहे हैं। हाल ही में दो अल्ट्रासाउंड सील किए गए हैं। इसकी जांच में पता चला है कि एक बाहर के चिकित्सक के नाम पर इन्हें चलाया जा रहा था। जबकि उक्त चिकित्सक को पता ही नहीं था। लिंग परीक्षण के मामले और भारी पैमाने पर अवैध क्लीनिक भी इस क्षेत्र में हैं।

मरीजों की सेहत से नहीं होगा खिलवाड़

जिले में मरीजों की सेहत से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। एक लैब सील की गई है, नौ अन्य को नोटिस भी दिया गया है। आगे भी अभियान जारी रहेगा, पंजीकरण कराने के बाद ही क्लीनिक या लैब चलाएं। - डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें