भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने सोमवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान गढ़ रोड स्थित रेलवे फाटक को पूरी तरह से बंद किए जाने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि शहर का मुख्य रास्ता बंद होने से लाखों लोग परेशान हैं।
सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि एक जनवरी 2014 को हापुड़ में गढ़ को जाने वाले मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक संख्या 39ए/ई3 पर ओवरब्रिज बनाए जाने का काम उप्र राज्य सेतु निगम की ओर से शुरू किया गया था।
यह काम धीमी गति से चलने के कारण दो साल बाद भी अधूरा है। करीब चार माह पूर्व रेलवे लाइन के ऊपरी हिस्से का कार्य रेलवे के ठेकेदार मैसर्स बीएम कंस्ट्रेक्शन कंपनी की ओर से शुरू किया गया।
ठेकेदार ने बिना किसी पूर्व सूचना के मार्ग को बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया। उनके हस्तक्षेप किए जाने के बाद रोड दोबारा चालू की गई।
फिर से दो दिसंबर 2015 को ठेकेदार द्वारा इस रोड को बिना किसी पूर्व सूचना के और कोई उचित वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना बंद कर दिया गया।
सांसद ने कहा कि यह रेलवे लाइन हापुड़ नगर के मध्य में है। दोनों ओर बड़ी संख्या में आबादी है। नगर के प्रमुख स्कूल, सरकारी अस्पताल, सब्जी मंडी जैसी आवश्यक सुविधाएं नगर के एक ओर और कलक्ट्रेट, मुख्य बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड नगर के दूसरी तरफ हैं।
करीब आधा किमी की दूरी तरह करने के लिए लोगों को 5 किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे शहर लाखों लोगों को परेशानी हो रही है।
शहर में पहले भी दो फाटकों पर ओवरब्रिज बन चुके हैं और दिल्ली में मैट्रो के निर्माण का उदाहरण सबके सामने है। सांसद ने तत्काल फाटक को खुलवाने और मामले की जांच कराकर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।