पिछले कुछ दिनों से चल रही पछुआ हवाओं ने गर्मी बढ़ा दी है। शुरूआती दौर में ही गर्मी बेहाल करने लगी है। तेज धूप के कारण दोपहर में घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बुधवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
मार्च के महीने में ही गर्मी ने अपना पूरा रंग दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले साल मार्च माह के अंतिम दिनों में तापमान 32 डिग्री के आसपास था, जो इस बार 38 डिग्री को भी पार कर गया है।
लोगों का मानना है कि मार्च के अंतिम दिनों में जब यह हालात हैं तो मई और जून में रिकार्ड तोड़ गर्मी पड़ेगी। बीते एक सप्ताह से चल रही पछुआ हवाओं ने पारा उछाल दिया है। धूप के चलते दोपहर में सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया है।
दोपहर में बाजार में सन्नाटा नजर आने लगा है। डॉ. गौरव मित्तल ने बताया कि दिन और रात के तापमान में काफी अंतर होने के कारण डायरिया, बुखार, मलेरिया जैसी बीमारी का खतरा बढ़ने लगा है। इस मौसम में हर उम्र के लोगों को एहतियात बरतनी चाहिए।
जिला कृषि अधिकारी शिवकुमार बताते हैं गेहूं की पछेती फसलों में दाने अभी मोटे नहीं हुए है। ऐसे में गर्मी बढ़ने से दानों की नमी सूख जाएगी और फसल को काफी नुकसान होगा। वहीं अधिक गर्मी पड़ने से रबी की अन्य फसलों का भी उत्पादन घटेगा।
गर्मी से बचने के लिए खीरा-ककड़ी के साथ रसीले फलों का अधिक से अधिक सेवन करें। इससे शरीर में पानी की कमी पूरी होगी। धूप से आने के बाद तुरंत पानी या कोल्डड्रिंक न पीएं। धूप में निकलने से पहले खूब पानी पीएं और सिर ढककर ही घर से निकलें।