गर्म हवा चलने से लगातार पारा रोज रिकॉर्ड बना रहा है। सोमवार को शहर का पारा 41 तक पहुंच गया। इसके चलते लोगों का घरों से निकलना दुश्वार हो गया है। गर्मी के कारण लोगों की सामान्य दिनचर्या अस्त व्यस्त हो गई है।
बच्चे व बुजुर्ग घरों में कैद हो गए हैं। मौसमी बीमारियां सिर उठा रही हैं। दरअसल, सामान्य दशा में मनुष्य का शरीर 38 सेंटीग्रेड तक तापमान सहन कर सकता है। इससे ज्यादा या कम होने पर शरीर के आंतरिक अंगों में गड़बड़ी होने की आशंका रहती है।
लू के कारण शरीर में पानी की कमी होने लगती है। इससे बचने के लिए रहन-सहन व खानपान में बदलाव की जरूरत है। पीएचसी प्रभारी डा. योगेश का कहना है कि तेज धूप के कारण शरीर को नियंत्रित करने वाला सिस्टम हाईपोथेलमस फेल हो सकता है।
सिस्टम फेल होने से गर्मी का पता ही नहीं चलता और जान जा सकती है। हेपेटाइटिस के मरीजों के लिए गर्मी खतरनाक साबित होती है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. परमेंद्र का कहना है कि हीट और डाइनेस के कारण आंखों में कंजेक्टिवाइटिस हो जाता है।
धूल व गर्मी के कारण आंखों में बाहरी तत्व आसानी से प्रवेश कर एलर्जी पैदा कर देते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के कारण सीएचसी में प्रतिदिन 50 से 60 एलर्जी कंजेक्टिवाइटिस से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं।
वहीं सीएचसी के अधीक्षक डा.राजेंद्र गुप्ता का कहना है कि हीट स्ट्रोक तीन प्रकार के होते हैं। हीट क्रेंप, डीट एग्जास्ट और हीट स्ट्रोक। हीट क्रेम्प और हीट एग्जास्ट में बाहर से आने पर शरीर में फीवर रहता है। यह अपने आप खत्म हो जाता है।
हीट स्ट्रोक में कई बार पसीना आना भी बंद हो जाता है। किसान डिग्री कॉलेज सिंभावली के प्रोफेसर अब्बास अली ने बताबया कि आगामी दिनों में अभी तापमान और बढ़ेगा। क्योंकि मौसम पूरी तरह साफ है, और बारिश के भी आसार नहीं हैं।