मौसम का बदलता मिजाज बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। दोपहर में चिलचिलाती गर्मी और रात में ठंड से बच्चों को डायरिया के साथ पीलिया रोग का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य अफसरों ने रोग से निजात पाने की तैयारी पूरी करने का दावा किया है।
इन दिनों मौसम में काफी उतार चढ़ाव हो रहा है। दोपहर के समय तापमान 43 डिग्री तक पहुंच जाता है तो रात में 29 डिग्री तक रहता है। इस मौसम का सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। चिकित्सकों के अनुसार इस तरह के मौसम में बच्चों को डायरिया और पीलिया का खतरा बढ़ जाता है। राजकीय महिला चिकित्सालय प्रभारी डा. योगेश का कहना है कि पीलिया रोग होने पर चिकित्सक की सलाह जरूरी है।
अभिभावक बच्चों को अपनी इच्छा से दवा न खिलाएं, क्योंकि गलत दवा देने पर बच्चों के लीवर को नुकसान पहुंच सकता है। सावधानी पूर्वक इलाज से इस रोग को आसानी से ठीक किया जा सकता है। दूसरी ओर डिप्टी सीएमओ डा. प्रवीण शर्मा ने कहा कि पीलिया रोग से बचाव की दवा उपलब्ध हैं। बच्चों में पीलिया का लक्षण दिखने पर लोग उसे कुशल चिकित्सक से दवा दिलाएं।
ये हैं पीलिया के लक्षण:
- बच्चों को भूख न लगना
- पीले रंग का पेशाब आना
- आंखों में पीलापन छा जाना
- तेज बुखार शरीर में दर्द होना
ये बरतें सावधानियां:
- बच्चों को को कॉम्बीफ्लेम और बिरोफन आदि दवा न दें, यह लीवर के लिए खतरनाक हैं
- खाने को मीठा दही, तरल पदार्थ और जूस दें
- बच्चों को आराम करने दें
- डॉक्टर की सलाह पर ही बच्चों को दवा दें