पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक नहीं लग सकी
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जिले में सिर्फ सरकारी कागजों में पोलीथिन पर प्रतिबंध हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मार्च 2016 में शासन ने प्रदेश में पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगा दिया था। शुरुआत में जिले में भी अफसरों ने कुछ दिन सख्ती की लेकिन अब शहर में बिना रोक टोक के पॉलीथिन में सामान बिक रहा है।
प्रदेश में पॉलीथिन पर प्रतिबंध की जिम्मेदारी प्रदेश पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड की है। इसके आदेशों पर ही जिला प्रशासन कार्रवाई करता है। मार्च में आदेश लागू होने के बाद शहर में पालीथिन की बिक्री की रोकथाम के लिए छापेमारी जरूर हुई लेकिन अब धड़ल्ले से पालीथिन मिल रही है।
बता दें कि पॉलीथिन पर्यावरण और साफ सफाई के लिए समस्या बन गई है। इससे जहां नाले चोक हो रहे हैं। वहीं, खेती और पशुओं के लिए भी घातक है। इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है। इस संबंध में एडीएम रजनीश राय का कहना है कि आदेशों के अनुपालन में जल्द ही पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।