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मेघनाद का हुआ वध, सुलोचना सती

Mon, 10 Oct 2016 11:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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रामलीला - फोटो : अमर उजाला
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लक्ष्मण ने बाण चलाकर लंकापति रावण के महाबलशाली बेटे मेघनाद का वध कर दिया। पुत्र वध की सूचना से रावण व्याकुल हो उठा और राम के साथ युद्ध का एलान कर दिया। रानी सुलोचना जब सती हुईं तो महिलाओं की आंखें भर आईं।

हापुड़ में कुचेसर चौपला पर शाहपुर जट्ट महात्मा गंगादास जी की स्मृति में आयोजित रामलीला में संजीवनी बूटी से लक्ष्मण होश में आते हैं। इसके बाद वह मेघनाद को युद्ध के लिए ललकारते हैं। दोनों योद्धाओं में भयंकर युद्ध होता है। आखिरकार लक्ष्मण मेघनाद का वध कर देते हैं।
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इसके बाद मेघनाद की पत्नी सुलोचना के सती होने का मार्मिक मंचन किया गया। रामलीला मैदान में लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण वध, मेघनाद वध की लीला का मंचन किया गया। लक्ष्मण को शक्ति लगते ही प्रभु श्रीराम की आंखें छलक उठीं। इसके बाद राम कुंभकर्ण का वध कर देते हैं। हनुमान संजीवन बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचा लेते हैं।

इसके बाद लक्ष्मण एक बार फिर युद्ध करने के लिए मैदान में उतरते हैं और मेघनाद का वध कर देते हैं। इस अवसर पर रवि गर्ग, प्रमोद कुमार, अनिल गोपाल, वीरेंद्र कुमार, मनोज कुमार, सारंग अग्रवाल, संजय यादव, सौरभ गुप्ता का सहयोग रहा। गढ़ में मेघनाद की मृत्यु की खबर सुनकर रावण बिलख पड़ा।

रानी सुलोचना ने अपनी चूड़ियां तोड़ दीं और सिंदूर मिटा दिया। इसके बाद सुलोचना मेघनाथ की चिता में बैठकर सती हो गईं। इससे पहले मनोरंजन कर मंत्री मदन चौहान के नेतृत्व में प्रधान फारूख, पालिका सदस्य राकेश चौहान, डॉ.शमशाद, कमेटी अध्यक्ष रुपेश पंडित, कोषाध्यक्ष विष्णु दत्त नागर ने राम दरबार की आरती की।

ब्रजघाट में कमेटी अध्यक्ष राकेश डिश,  कुलदीप गोयल, कपिल नागर, तेजपाल यादव, राजू भैया, लुहारी में कमेटी अध्यक्ष ओमपाल सिंह, बहादुरगढ़ में कमेटी अध्यक्ष लालसिंह चौहान, बक्सर में कमेटी अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने राम दरबार की आरती की।

पिलखुवा में संयुक्त रामलीला कमेटी की ओर से कुंभकर्ण वध का मंचन किया गया। रामलीला मंचन में कुंभकर्ण वध से रावण क्रोधित हो जाता है। मेघनाद ने देवी के आह्वान के लिए यज्ञ शुरू किया। इसका ज्ञान होने पर हनुमानजी ने यज्ञ विध्वंस कर दिया। मेघनाद के वध के बाद रावण पाताल लोक से अहिरावण का आह्वान करता है।

अहिरावण ने विभीषण का वेश धारण कर राम व लक्ष्मण का हरण कर लिया। पता चलने पर हनुमानजी श्रीराम और लक्ष्मण की खोज में पाताल लोक जाते हैं। वहां हनुमानजी देवी के स्थान पर प्रकट होकर अहिरावण का वध कर देते हैं। कार्यक्रम में राजेश कुमार मित्तल, अनिल जिंदल, विजय कुमार मित्तल, गंगाशरण मोदी का सहयोग रहा।

धौलाना में युवा रामलीला मंच की ओर से लंका दहन का मंचन किया गया। हनुमान माता सीता की खोज करते हुए लंका पहुंचते हैं। वहां उनकी भेंट लंकापति रावण से होती है जो अपने सैनिकों से हनुमान पर प्रहार कराता है। अंत में सैनिक हनुमान की पूंछ में आग लगा देते हैं।
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पूंछ में आग लगते ही हनुमान सोने की लंका को जलाकर राख कर देते हैं। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य अमृता सिंह, सुरेश राणा, दिनेश राणा, अजय कुमार, सरीन शर्मा, सतीश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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