शहर का रेलवे स्टेशन भले ही मॉडल स्टेशनों में शुमार है लेकिन यहां की सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे चल रही है। स्टेशन पर एक भी मेटल डिटेक्टर नहीं है। इतना हीं नहीं स्टेशन पर आने जाने वालों की पुलिस तलाशी भी नहीं लेती है। शायद रेलवे प्रबंधन को हादसे का इंतजार है।
इस स्टेशन से हर रोज सैकड़ों ट्रेनें गुजरती हैं। दशहरा पर सुरक्षा को लेकर रविवार को अमर उजाला की टीम स्टेशन पर पहुंची तो कोई पुलिस कर्मी नजर नहीं आया। वहीं, मै आई हेल्प यू खुद हेल्प मांग रहा था। स्टेशन पर दोपहर 12 बजे रेलवे सुरक्षा बल थाने का केबिन बंद पड़ा मिला। बताया गया है कि यहां ऐसा रोज ऐसा ही नजारा रहता है।
स्टेशन पर कोई मेटल डिटेक्टर भी नहीं है। दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर स्टेशन पर मुख्य द्वार से यात्री बिना रोक टोक आ जा रहे थे। आरपीएफ के पास सुरक्षा के लिए एक निरीक्षक, एक उपनिरीक्षक, तीन सहायक उपनिरीक्षक, 30 सिपाही मौजूद हैं।
रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे आरपीएफ प्रभारी एसएम असलम का कहना है कि सुरक्षा मजबूत है। रेलवे स्टेशन पर समय समय पर चेकिंग की जाती है। ट्रेन से लेकर प्लेटफार्म पर यात्रियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है।