माघ माह की पूर्णिमा पर जहां एक तरफ प्रयागराज महाकुंभ में भक्तों की भीड़ उमड़ी। वहीं, दूसरी ओर हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली के अलावा आसपास के जनपदों और स्थानीय भक्तों ने बुधवार को गंगानगरी के अलावा पुष्पावती पूठ और लठीरा के तट पर पहुंचकर गंगा मैय्या में आस्था की डुबकी लगाई।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त होते ही करीब चार बजे से भक्तों की भीड़ गंगा मां के तट पर उमड़ना शुरू हो गई। भक्तों ने जय मां गंगे और हर-हर गंगे के जयघोष के साथ स्नान करना शुरू कर दिया। स्नान का सिलसिला देर शाम तक निंरतर चलता रहा। स्नान के उपरांत अधिकांश भक्तों ने पुरोहितों से हवन कराकर विश्व-शांति और अपने-अपने परिवार की खुशहाली की कामना की।
गहरे जल में न जाने की देते रहे चेतावनी
गंगा सभा आरती समिति के सदस्य लाउडस्पीकर के माध्यम से भक्तों को गहरे जल में ना जाने की चेतावनी देते रहे। इसके अलावा गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने और सफाई के लिए भी बार-बार आह्वान करते रहे।
नहीं लगा जाम
श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर पुलिस-प्रशासन ने पहले ही तैयार शुरू कर दी थीं। राष्ट्रीय राजमार्ग और जाम संभावित स्थानों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। पुलिस की मुस्तैदी के कारण हाईवे जाम मुक्त रहा। जिससे राहगीरों और श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं हुई।