एकेपी पीजी कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से बृहस्पतिवार को बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा निर्धारित समय से एक घंटा देरी से शुरू हो सकी। कॉलेज में 12 अंक की ओएमआर शीट नहीं थी। छात्राओं ने परीक्षा समय पर शुरू न होने पर हंगामा किया तो उन्हें धमकाकर शांत कर दिया।
बाद में उन्हें सिर्फ 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया। कई छात्राओं का पेपर अधूरा रह गया। स्वर्ग आश्रम रोड स्थित एकेपी पीजी कॉलेज में बृहस्पतिवार को सुबह की पाली में बीए प्रथम वर्ष की संस्कृत विषय की परीक्षा थी।
परीक्षा सुबह सात बजे से शुरू होनी थी। छात्राएं निर्धारित समय से पूर्व ही कॉलेज में पहुंच गई। कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से छात्राओं को जब ओएमआर शीट वितरित की गई, वह 11 अंक की थी। छात्राओं को 12 अंक की ओएमआर शीट उपलब्ध कराई जानी थी।
आननफानन में छात्राओं से 11 अंक वाली ओएमआर शीट वापस ले ली गई, लेकिन कॉलेज में 12 अंक वाली ओएमआर शीट न होने के कारण करीब एक घंटे तक परीक्षा शुरू नहीं हो सकीं। इससे छात्राओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
प्राचार्या ने उन्हें धमका कर शांत किया। करीब आठ बजे ओएमआर शीट आने पर वितरित की गई। इससे पेपर हल करने का पर्याप्त समय छात्राओं को नहीं मिला। सिर्फ 15 मिनट अतिरिक्त देकर छात्राओं से ओएमआर शीट ले ली गई।
कई छात्राओं का पेपर भी अधूरा रह गया। छात्राओं ने कॉलेज से बाहर निकलकर नाम न छापने की शर्त पर इसकी जानकारी दी।
परीक्षा शुरू होने में देरी नहीं हुई है। सिर्फ इतना हुआ कि परीक्षा शुरू होने पर पहले छात्राओं को 11 अंक की ओएमआर शीट दे दी गई थी। बाद में इसे बदल कर 12 अंक की ओएमआर शीट उपलब्ध करा दी गई। क्योंकि 11 अंक वाली ओएमआर सीट को कंप्यूटर स्वीकार नहीं करता। - डा. विभा भारद्वाज, प्राचार्या